गुड़गांव। कन्हैई गांव में दो भाइयों के बीच प्रॉपर्टी विवाद गहराता ही जा रहा है। इसको लेकर राज्य चौकसी ब्यूरो में तैनात एएसआई पर रविवार को दो अज्ञात बदमाशों ने जानलेवा हमला कर दिया। उसे निजी अस्पताल मेें दाखिल कराया गया है। इस संबंध में सेक्टर चालीस थाना पुलिस ने जेल में बंद तीन लोगों सहित पांच के खिलाफ जानलेवा हमला करने व शस्त्र अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है।
कन्हई गांव में एक बाइक पर सवार दो अज्ञात बदमाश ने राज्य चौकसी ब्यूरो में तैनात एएसआई भूपेंद्र सिंह पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं। गोली उसके हाथ में लगी। जवाबी कार्रवाई होता देख बदमाश मौके से भाग निकले। सेक्टर चालीस थाना पुलिस मौके पर पहुंची। छानबीन के दौरान पता चला कि भूपेंद्र का भाई दुर्गेश यादव अपने ही सगे भाई सतीश उर्फ बिट्टू की हत्या के मामले में जेल में बंद है। उसके साथ उसकी पत्नी भारती और साला अनूप भी जेल में बंद है। इन तीनोें ने जेल में रहकर दूसरे भाई भूपेंद्र की हत्या की साजिश रची। पुलिस के अनुसार जेल में बंद दुर्गेश का मानना है कि भाई की हत्या के मामले में गवाहों की मदद उसका भाई कर रहा है। उसके मना करने के बाद भी वह उनकी मदद से हट नहीं रहा है। इसके चलते उसे रास्ते से हटाने के लिए यह साजिश रची है। सेक्टर चालीस थाना पुलिस ने एएसआई भूपेंद्र के बयान पर जेल में बंद दुर्गेश, भारती और अनूप सहित पांच लोगों के खिलाफ जानलेवा हमला करने, शस्त्र अधिनियम व वारदात की साजिश रचने का मामला दर्ज किया है। उधर, कन्हई गांव में चली गोली की घटना के बाद एसीपी क्राइम राजेश फोगाट मौके पर पहुंचे। मामला जेल से जुड़ा होने के कारण जांच क्राइम ब्रांच सेल को सौंप दी गई है। एसीपी क्राइम ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। जेल में बंद बदमाशों को ट्रांजिट रिमांड पर लाया जाएगा।
दुर्गेश पर सगे भाई की हत्या का आरोप
कन्हैई गांव के दुर्गेश पर करीब छह साल पहले डीएलएफ कंपनी से करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी का आरोप है। इस मामले में जेल में जाने से पहले उसने अपनी प्रॉपर्टी भाई सतीश उर्फ बिट्टू के नाम पर कर दी। सूत्रों के अनुसार उसे इस बात का खतरा था कि पुलिस उसकी प्रॉपर्टी अटैच न कर दे। बताते हैं कि दुर्गेश जेल से बाहर आने के बाद अपने भाई से अपनी प्रॉपर्टी वापस मांगी तो उसने मना कर दिया। उसका कहना था कि पहले वह पैतृक जमीन से तीसरा हिस्सा उसे दिलाए। इस पर उसने मना कर दिया। बताते हैं कि उसके पिता के पास तीन एकड़ जमीन है, जो दुर्गेश के साथ रहते थे। आरोप है कि भाई-भाई के बीच में हुए विवाद के दौरान दुर्गेश ने अपने पास पिस्तौल निकालकर सतीश की हत्या कर दी थी।