गुड़गांव में बिल्डरों द्वारा भूमिगत पानी के दुरुपयोग पर हुडा और नगर निगम कार्रवाई कर रहा है।
यह जानकारी मंगलवार को सरकार ने हाईकोर्ट को सुनवाई के दौरान दी। इस जवाब पर हाईकोर्ट ने संतुष्टि व्यक्त करते हुए कार्रवाई जारी रखने के निर्देश के साथ मामले की सुनवाई एडमिट कर ली है और अब यह मामला नवंबर महीने में सुनवाई के लिए आने की संभावना है।
सुनील कुमार नामक व्यक्ति ने याचिका दायर करके आरोप लगाया था कि गुड़गांव क्षेत्र में निजी बिल्डर निर्माण कार्य जारी रखे हुए हैं।
इसके लिए भूमिगत पानी का इस्तेमाल किया जा रहा है। निर्माण कार्यों में भूमिगत पानी का इस्तेमाल पानी का दुरुपयोग है, लिहाजा इस पर और निर्माण कार्यों पर रोक लगाई जानी चाहिए।
याचिका में कहा गया था कि भूमिगत जल का स्तर काफी गिर गया है और यदि निर्माण कार्यों में भूमिगत पानी का दुरुपयोग जारी रहा तो सूखे जैसे हालात पैदा हो सकते हैं।
इस याचिका पर हाईकोर्ट ने बिल्डरों द्वारा भूमिगत पानी के इस्तेमाल पर रोक लगाने के लिए हुडा एवं नगर निगम को निर्देश दिया था और कहा था कि निर्माण कार्यों में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट आदि का पानी इस्तेमाल करना सुनिश्चित किया जाए।
हुडा एवं नगर निगम ने कहा कि ट्रीटमेंट प्लांट के लिए कार्रवाई जारी है। उधर केंद्रीय भूजल बोर्ड ने कहा कि स्टाफ एवं सदस्यों की बढ़ोतरी के लिए वित्तीय समाधान का मामला वित्त विभाग के पास विचाराधीन है।