हरियाणा में समान विकास कार्य नहीं हो रहा है। शिवालिक क्षेत्र जिला पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर क्षेत्र में विकास कार्य और नौकरियों एंव शिक्षा के क्षेत्र में भेदभाव हो रहा है।
यह कहना है शिवालिक विकास मंच के अध्यक्ष विजय बंसल का। उन्होंने इस संबंध में केंद्रीय मंत्री एवं हरियाणा प्रदेश विकास कार्य समिति के अध्यक्ष जयराम रमेश, शकील अहम, महासचिव अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी और प्रभारी हरियाणा प्रदेश आशा कुमारी को ज्ञापन भेजा है।
शिवालिक विकास मंच के कई धरने तथा शिवालिक क्षेत्र में कलेसर से कालका तक 17 मार्च से 21 मार्च 2013 तक अधिकार पर यात्रा भी की थी। विजय बंसल ने मांग की कि शिवालिक क्षेत्र जिला पंचकूला अंबाला, यमुनानगर क्षेत्र में विकास कार्य नौकरियों एवं शिक्षा क्षेत्र में पूरी हिस्सेदारी दी जाए।
पंचकूला जिले की एचएमटी कंपनी में कार्यरत 8 हजार कर्मचारियों को 6-6 माह में वेतन मिलता। ये कर्मचारी 1992 के वेतनमान पर कार्य करने के कारण आर्थिक संकट में है। एचएमटी कालोनी में मूलभूत सुविधाएं सड़क की सफाई, पानी, बिजली की हालत खस्ता है।
इस क्षेत्र में इससे पूर्व एसीसी सीमेंट सूरजपुर और मल्लाह भी बंद हो चुकी है। शिवालिक क्षेत्र को हिमाचल उत्तराखंड की भांति औद्योगिक पैकेज दिलवाया जाए, क्योंकि शिवालिक क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति हिमाचल व उत्तराखंड जैसी है।
मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने सभी विकास कार्य केवल रोहतक में ही करवाए है। भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने 2005 से 2012 तक रोहतक में 1237 विकास योजना की घोषणा कर रखी थी, जिसमें 1082 विकास योजनाएं पूरी हो चुकी है। जबकि जिला पंचकूला में 47 में से 16 पूरी हुई ।