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ऑनलाइन बिक्री वाली कंपनियों पर लगेगा टैक्स

Sun, 08 Dec 2013 01:25 AM IST
अमर उजाला, चंडीगढ़
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इंटरनेट, वेब पर सामान बेचने वाली कंपनियों पर हरियाणा सरकार शिकंजा कसने जा रही है। सरकार हरियाणा में पंजीकृत इन कंपनियों को टैक्स के दायरे में ले आई है।
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तीन बड़ी कंपनियों से तो टैक्स भी वसूलना शुरू कर दिया है। बिल्डरों को पिछले साल टैक्स के दायरे में लाया गया था। इस साल बिल्डरों से करीब 100 करोड़ रुपये टैक्स के रूप में मिलेंगे।

अगले साल यह राशि 200 करोड़ रुपये होने की उम्मीद है। यह जानकारी आबकारी एवं कराधान मंत्री किरण चौधरी ने शनिवार को प्रेस कांफ्रेंस में दी।

किरण चौधरी ने कहा कि वे और उनके विभाग के अफसर लगातार मेहनत कर रहे हैं। इसका परिणाम यह निकला है कि विश्व मंदी के बावजूद इस साल एक अप्रैल से अक्तूबर तक राजस्व संग्रहण में करीब साढ़े दस फीसदी की बढ़ोतरी है।
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अगले महीनों में यह बढ़ोतरी करीब 15 फीसदी होने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि  गत31 अक्तूबर तक 12564 करोड़ रुपये का राजस्व एकत्र हो गया है।

यह अलग बात है कि वित्त विभाग ने चालू माली साल में 21 फीसदी बढ़ोतरी के साथ 23855 करोड़ रुपये राजस्व संग्रहण का लक्ष्य तय किया है।

मंत्री ने कहा कि वे लगातार केंद्रीय वित्त मंत्री पी. चिदंबरम से सीएसटी के रूप में हरियाणा को मिलने वाले पैसे की मांग करती रही हैं।

अब केंद्र सरकार ने मान लिया है कि अगले साल फरवरी तक हरियाणा को 1275 करोड़ रुपये सीएसटी के रूप में मिल जाएंगे।

यह राशि 2010 तक बकाया थी। उन्होंने कहा कि गोहाना रैली में मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुसार एक जनवरी से फार्म नंबर38 समाप्त हो जाएगा।

इसके बदले विभाग को अधिक मेहनत करनी होगी ताकि राजस्व में असर न पड़े। उनके साथ आबकारी एवं कराधान आयुक्त अनिल मलिक भी मौजूद थे।


डेढ़ साल में पूरा काम ऑनलाइन होगा
किरण चौधरी ने कहा कि विभाग का सारा कामकाज ऑनलाइन होगा। इसके लिए डेढ़ साल लगेगा। ऑनलाइन होने से पारदर्शिता आएगी और व्यापारियों को दफ्तर नहीं आना पड़ेगा।
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फिलहाल टोल फ्री नंबर 1800-180-2017 पर शिकायतें दर्ज हो रही हैं और उनका समय पर निपटान हो रहा है।


3500 करोड़ रुपये बकाया
किरण चौधरी ने बताया कि व्यापारियों की तरफ आबकारी एवं कराधान विभाग का करीब 3500 करोड़ रुपये बकाया है।

उन्होंने कहा कि गत शुक्रवार को अफसरों को यह राशि रिकवर करने को कह दिया है। हर अफसर का लक्ष्य निर्धारित कर दिया है। वे स्वयं हर महीने समीक्षा करेंगी।
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