हरियाणा जनहित कांग्रेस (हजकां) के अध्यक्ष कुलदीप बिश्नोई ने कहा कि मुख्यमंत्री योजनाबद्ध तरीके से प्रदेश को बर्बाद करने पर तुले हुए हैं।
सरकार हरे-भरे हरियाणा को बडे़ उद्योगपतियों को सौंप कर यहां कंकरीट का जंगल तैयार कर रही है। फतेहाबाद के गोरखपुर गांव में परमाणु संयंत्र नहीं बल्कि जनसंहार संयंत्र लगा रही है।
कुलदीप बिश्नोई शनिवार को फतेहाबाद जिले के करीब डेढ़ दर्जन गांवों में विजय रथ के स्वागत में उपस्थित लोगों को संबोधित कर रहे थे।
इस दौरान लोगों ने ढोल-नगाड़ों, फूलमालाओं और पगड़ियों से उनका जोरदार स्वागत किया। विजय रथ पर हजकां-भाजपा कोआर्डिनेशन कमेटी के संयोजक एवं भाजपा के पूर्व मंत्री प्रो. गणेशीलाल, पूर्व सांसद पंडित रामजीलाल, पूर्व मुख्य संसदीय सचिव दुड़ाराम भी सवार थे।
कुलदीप बिश्नोई ने कहा कि परमाणु संयंत्र व दूसरे अन्य बड़े उद्योग दूरदराज की असिंचित और बंजर भूमि पर भी लगाए जा सकते हैं, जहां आबादी का घनत्व भी काफी कम हो और उपजाऊ कृषि जोत क्षेत्र न घटे।
बंजर और असिंचिंत जमीन पर बड़े उद्योगों की स्थापना से न केवल वहां के लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे बल्कि पूंजी निवेश के कारण उनका पिछड़ापन भी दूर होगा।
हजकां अध्यक्ष ने कहा कि हुड्डा और चाटुकार कांग्रेसी गोरखपुर में लग रहे परमाणु संयंत्र की उपयोगिता के कसीदे गढ़ रहे हैं।
यदि यह संयंत्र इतनी ही जरूरी और बेहतरीन है तो मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा इसे किलोई में क्यों नहीं लगवाते?
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यह साबित हो चुका है कि परमाणु ईंधन से बिजली उत्पादन प्रकृति विरोधी और विनाश का कारक है इसलिए जापान जैसे विकसित देश भी अपने परमाणु संयंत्रों को बंद कर रही है।
प्रो. गणेशीलाल ने कहा कि अकेले हरियाणा प्रदेश ही नहीं समूचे देश में बदलाव की लहर चल रही है।
लोग नरेंद्र मोदी को देश का अगला प्रधानमंत्री और कुलदीप बिश्नोई को प्रदेश का अगला मुख्यमंत्री बनाने का मन बना चुके हैं।
पूर्व मुख्य संसदीय सचिव दुड़ाराम ने कहा कि फतेहाबाद जिले के आधारभूत ढांचे को विकसित करने में एकमात्र भजनलाल का योगदान है।
स्कूल-आईटीआई से लेकर सामान्य अस्पताल, चिकित्सा केंद्र, बस स्टेंड, सब्जी मंडी, आटो मार्केट, तहसील व कोर्ट की बिल्डिंग, जलघर, सड़कों, नहरों-नालों आदि सहित विभिन्न समाज के लोगों को सामुदायिक कार्यों के लिए जमीन उपलब्ध करवा कर उन्होंने इस क्षेत्र के विकास को नई गति प्रदान की।
इस अवसर पर उनके साथ वरिष्ठ हजकां नेता निहाल सिंह मताना, देवीलाल बिश्नोई, जुगलाल टूटेजा, पूर्व नप चेयरमैन बनवारी लाल तनेजा, ऊषा चौधरी, द्वारका प्रसाद सहित अनेक कार्यकर्ता उपस्थित थे।