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गीतांजली केस: बेटा नहीं दे पाने की वजह से मार दी गई वो!

Sun, 21 Jul 2013 12:01 AM IST
पंचकूला/ब्यूरो
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गुड़गांव के चीफ ज्यूडीशियल मजिस्ट्रेट (सीजेएम) रवनीत गर्ग की पत्नी गीतांजलि के पिता ओमप्रकाश अग्रवाल ने आरोप लगाकर सनसनी फैला दी है।
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उन्होंने आरोप लगाया कि दो बेटियों के जन्म देने के बाद गीतांजलि से ससुराल पक्ष के लोग बेटे की डिमांड करने लगे थे।

वे चाहते थे कि गीतांजलि गर्भवती हो और उसका लिंग परीक्षण कराया जाए। इसे लेकर गीतांजलि पर लगातार दबाव बनाया जा रहा था। चार महीने के भीतर उसका 14 किलो वजन कम हो गया था।

यह बात उसने अपनी तीनों बहने सुजाता, गारबी और मैत्री को बताई थी। गीतांजलि काफी टेंशन में रह रही थी। अग्रवाल ने इसका खुलासा सीजेएम के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज होने के बाद किया है।
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गीतांजलि को इंसाफ दिलाने के लिए मायके पक्ष के लोगों ने शनिवार शाम को एक विरोध मार्च भी निकाला।

विरोध मार्च में गीतांजलि के भाई और रिश्तेदार शामिल थे। उन्होंने गीतांजलि को इंसाफ दिलाने की मांग की। यह मार्च सेक्टर छह स्थित शक्ति भवन चौक पर निकाला गया। इस दौरान छोटे बच्चों ने कहा कि गीतांजलि ने आत्महत्या नहीं किया बल्कि उनकी हत्या की गई है।

पोस्टर में गीतांजलि के बच्चों की फोटो भी लगी हुई थी। गीतांजलि के भतीजे आयुष अग्रवाल ने बताया कि उनकी बुआ बहुत सुलझी हुई थीं। पूरे घर की साफ-सफाई और हर काम खुद करती थीं। एक दिन पहले बुआ ने अपनी बहन मैत्री से अपने दर्द को बयां किया था।

फोन पर उन्होंने कहा था कि रवनीत अब पहले जैसे नहीं रहे। वे अब मुझे बात-बात पर परेशान करने लगे हैं। हर बात पर डांटते हैं। गीतांजलि की भाभी सरिता अग्रवाल ने बताया कि उसके ससुराल वाले उसे अक्सर तंग करते रहते थे। हर छोटी बड़ी बात पर उसे झल्लाकर बोला जाता था।
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विदेश में भाषण दे चुकी हैं गीतांजलि
गीतांजलि के परिजनों ने बताया कि उनकी बेटी कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी की टॉपर थी। वह बचपन से ही पढ़ने-लिखने में सबसे आगे रहती थी। आयुष के मुताबिक गीतांजलि को धार्मिक भाषण देना बहुत अच्छा आता था। एक बार वे विदेश में भी भाषण देने गई थीं। वह सतपाल महाराज की भक्त थीं। आखिरी भाषण उन्होंने बरवाला स्थित ईमैक्स में 18 अप्रैल 2013 को दिया था।
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