हिंदू होने की वजह से किया तंग, तभी किया पलायन
दिवाया राम ने बताया कि भारत-पाकिस्तान के आजाद होने के समय उनके काफी रिश्तेदार क्षेत्र के गांव सरदारे वाला व रोहतक के मदीना में आकर रहने लगे लेकिन उनका परिवार पाकिस्तान में ही पंजाब क्षेत्र के नुहिया जिले के चक 150 टीरिया में रहने लगा। दिवाया राम ने बताया कि जब भारत-पाकिस्तान अलग हुए तो उनकी उम्र दो साल थी। पाकिस्तान बनने के बाद वहां पर हिंदुओं को नीची नजर से देखा जाता था लेकिन बांग्लादेश बनने के बाद पाकिस्तान में हिंदुओं पर अत्याचार होने शुरू हो गए जिससे तंग आकर आखिरकार वह परिवार के साथ साल 2000 में भारत आए थे।
दिवाया राम ने बताया कि जब वह पाकिस्तान छोड़कर भारत आए तो उनके साथ उनकी पत्नी राजो माई, मां, आठ लड़के और दो लड़कियों सहित 13 लोग थे। भारत आने पर वह रोहतक के मदीना गांव में रहने लगे जिसके बाद साल 2008 में वह फतेहाबाद जिले के रतिया क्षेत्र के गांव रतनगढ़ में रहने लगे। उन्होंने बताया कि इस दौरान उनकी एक और बेटी हुई। वह अपनी तीनों बेटियों और 7 बेटों की शादी कर चुके हैं।
शुरू में लिया था एक माह का वीजा
दिवाया राम अपने परिवार के साथ शुरू में सिर्फ एक माह का वीजा लेकर भारत आए थे। इसके बाद वे साल 2018 तक अपने परिवार का वीजा बढ़वाते रहे। पहले वीजा हर साल बढ़वाना पड़ता था। उसके बाद एक साल की बजाय पांच साल का वीजा मिलने लगा। उन्होंने कहा कि भारत आने पर उन्हें लोगों का भरपूर सहयोग मिला जिसके चलते उनका व उनके परिवार के सदस्यों का जीवन अच्छा चल रहा है। वर्तमान में दिवाया राम का 30 सदस्यों का परिवार है और वह कुल्फी बेचकर अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं। वहीं उनके बेटे गोशाला में गौ सेवा और क्षेत्र में चौकीदारी का काम करके परिवार चलाने में सहयोग करते हैं।
दिवाया राम ने कहा पाकिस्तान जाने की बात सोच कर ही उनका परिवार सिहर उठता है। क्योंकि भारत आने के बाद से ही उनके बच्चों की शादियां भी आसपास के क्षेत्रों में हुई हैं इसलिए उन्हें उम्मीद है कि उन्हें जल्द ही सीएए के तहत नागरिकता मिलेगी और वह अपने आप को भारतीय कहलवाना पसंद करेंगे।
एसपी सिद्धांत जैन ने बताया कि जिले में कुछ लोग पाकिस्तान से आकर यहां रह रहे हैं, जो नागरिक संशोधन कानून के अंतर्गत आते हैं। जिले में कोई भी व्यक्ति पाकिस्तान वापस भेजे जाने के नियम के अंतर्गत नहीं हैं। दस्तावेजों की जांच एक रूटीन प्रक्रिया है जो सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस द्वारा समय-समय पर की जाती है।
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