विधानसभा के बाहर दो बार के मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा और कांग्रेस विधायकों से चंडीगढ़ पुलिस की धक्कामुक्की को पूर्व विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप शर्मा ने हरियाणा विधानमंडल के इतिहास का शर्मनाक अध्याय बताया है। उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर मामले में स्वत: संज्ञान लेने और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
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सिख दंगा मामले में दोषी दिवंगत नेता सज्जन कुमार को लेकर दिए बयान पर सांसद दीपेंद्र हुड्डा के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को पत्र लिखने के बाद कुलदीप शर्मा अब भूपेंद्र हुड्डा के पक्ष में सामने आए हैं।
शर्मा ने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष सदन के सदस्यों के अधिकारों के संरक्षक हैं। अगर सदन के बाहर भी निर्वाचित सदस्यों के अधिकारों का उल्लंघन होता है तो विधानसभा अध्यक्ष को विशेषाधिकार हनन के तहत स्वत: संज्ञान लेना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि कांग्रेस विधायकों को विधानसभा सत्र में जाने से रोकने और उनके साथ बल प्रयोग की कार्रवाई किसके निर्देश पर की गई।
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शर्मा ने कहा कि विधानसभा के बाहर काले कपड़े पहनकर प्रदर्शन करना या तख्तियां लेकर विरोध करना अपराध नहीं है। विधायक कुलदीप वत्स को भी चोट लगी। शर्मा ने लोकसभा अध्यक्ष, हरियाणा के राज्यपाल, चंडीगढ़ प्रशासक और राष्ट्रपति के समक्ष भी शिकायत रखने का सुझाव दिया।