चार राज्यों में चुनावी नतीजे आने के बाद हरियाणा में कांग्रेस के लिए डगर आसान नहीं है। नतीजे आने के बाद जहां विपक्षी खेमे में उत्साह है, वहीं हरियाणा कांग्रेस के खेमे में मायूसी है।
हालांकि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष फूलचंद मुलाना का दावा है कि हरियाणा के चुनाव पर इन नतीजों का असर नहीं पड़ेगा। इनेलो ने चार राज्यों के विधानसभा चुनाव के नतीजों को कांग्रेस के खिलाफ फतवा बताया है।
पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अशोक अरोड़ा ने कहा कि केंद्र की यूपीए सरकार और हरियाणा की हुड्डा सरकार की उल्टी गिनती शुरू हो गई है। अब केंद्र और प्रदेश में कांग्रेस सरकार मात्र चंद दिनों की मेहमान है।
अरोड़ा ने कहा कि देश और प्रदेश में कांग्रेस के खिलाफ जबर्दस्त लहर चल रही है और कांग्रेस से परेशान जनता जल्द से जल्द इन भ्रष्ट सरकारों से निजात पाना चाहती है।
उन्होंने कहा कि दिल्ली की परिपाटी हरियाणा में दोहराई जाएगी। जो हश्र मुख्यमंत्री शीला दीक्षित का हुआ है, वही हाल मुख्यमंत्री की किलोई सीट पर देखने को मिलेगा।
अरोड़ा ने कहा कि हरियाणा में अगली सरकार निश्चित तौर पर इनेलो की बनेगी, क्योंकि हरियाणा में कांग्रेस का विकल्प केवल मात्र इनेलो है, और प्रदेश की जनता इनेलो को सत्ता सौंपने का मन बनाऐ हुए है।
हरियाणा भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रामबिलास शर्मा ने कहा कि चार राज्यों के नतीजों ने कांग्रेस की पोल खोल दी है। आने वाले लोकसभा चुनाव में नरेंद्र मोदी का जादू चलेगा।
उन्होंने कहा कि हरियाणा में भी कांग्रेस का वही हाल होगा जो अन्य राज्यों में हुआ है।
हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने चार राज्यों के विधानसभा चुनाव नतीजों को लोकतांत्रिक प्रणाली बताया है।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्रीय प्रणाली में लोगों को वोट देने का अधिकार है। जो दल ज्यादा वोट प्राप्त करता है, सरकार बनाता है।