संवाद न्यूज एजेंसी
कुलां। रेलवे की ओर से बिना कार्य शुरू किए रास्ता बंद करने के संकेतक लगाने से बड़े वाहन चालकों में भ्रम की स्थिति बनी हुई है। कुलां चौक में दोनों तरफ लगे इन बोर्डों पर लिखा है कि आगे का रास्ता बड़े वाहनों के लिए बंद है। जाखल मंडी जाने के लिए टोहाना होकर जाएं। इस कारण वाहन चालक साथ लगते गांवों से या टोहाना होकर लगभग 15 किलोमीटर का अतिरिक्त सफर तय कर जाखल पहुंचते हैं।
राकेश कुमार, नरेश कुमार, कमल सरदाना, सतवीर सिंह आदि का कहना है कि कुलां से होकर जाखल की तरफ रोजना 1000 के लगभग बड़े वाहन गुजरते हैं। इन गलत साइन बोर्ड के कारण उनको 15 किलोमीटर के लगभग का अतिरिक्त सफर करना पड़ता है। इससे जहां उनका समय ज्यादा लगता है वहीं आर्थिक भार भी अतिरिक्त बढ़ जाता है।
रेलवे की ओर से जाखल में कुलां रोड पर स्थित रेलवे ओवरब्रिज को ऊंचा उठाने की योजना बनाई गई थी। यह कार्य करने के लिए वाहन चालकों की सुविधा के मद्देनजर हालांकि ठेकेदार ने करीब तीन माह पहले कुलां चौक में बड़े वाहनों के लिए जाखल के लिए रास्ता बंद होने के संकेतक लगाए गए थे। लापरवाही का आलम यह है कि निर्माण कार्य शुरू न होने के बावजूद इन बोर्डों को अभी तक हटाना आवश्यक नहीं समझा गया है।
जब रेलवे ओवरब्रिज को ऊंचा उठाने का कार्य शुरू करने का प्रयास किया तो लोगों ने रास्ता बंद करने का विरोध जताया। आमजन के विरोध के कारण ये कार्य शुरू नहीं हो सका। उसके बाद जाखल ओवरब्रिज पर लगाए गए सभी बोर्ड तो हटा दिए गए थे लेकिन कुलां मुख्य चौक में यह बोर्ड आज भी ऐसे ही लगे हुए हैं। ऐसे में बड़े वाहन चालकों की सुविधा के लिए लगाए गए यह बोर्ड उनको भटकाने का काम कर रहे हैं।
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ठेकेदार को निर्देश जारी कर जल्द ही बोर्ड हटवा दिए जाएंगे। लोगों को कोई भी परेशानी नहीं आने दी जाएगी।
- लाल सिंह, रेलवे निर्माण विंग के अधिकारी