फतेहाबाद। जिले में कैंसर मरीजों की संख्या हर साल बढ़ रही है। लगभग 12 साल पहले जिले में 36 मरीज रजिस्टर्ड थे, जो अब 471 तक पहुंच चुके हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यह आंकड़ा वास्तविक स्थिति से कई गुना कम है, क्योंकि जिला स्वास्थ्य विभाग में केवल रजिस्ट्रेशन के लिए आए मामलों को ही दर्ज किया जाता है।
कैंसर बढ़ने के मुख्य कारणों में बदलता जीवनशैली, फसलों में पेस्टीसाइड का अत्यधिक प्रयोग, पर्यावरणीय बदलाव, धूम्रपान और शराब का अधिक सेवन शामिल हैं। फाइबर की कमी भी कैंसर के खतरे को बढ़ाती है। जिला महामारी रोकथाम अधिकारी डॉ. विष्णु मित्तल बताते हैं कि एल्कोहल के ज्यादा प्रयोग से लीवर कैंसर का खतरा बढ़ जाता है। धूम्रपान और गुटखा सेवन फेफड़े और मुंह के कैंसर का कारण बनता है। समय पर जांच और सावधानी से कई कैंसर रोके जा सकते हैं।
कैंसर मरीजों का रजिस्ट्रेशन का ब्योरा
वर्ष
मरीज
2013-14
36
2014-15
96
2015-16
148
2016-17
204
2017-18
209
2018-19
234
2019-20
262
2021-22
308
2022-23
371
2023-24
461
2024-25
471
नोट : ये आंकड़े जिला स्वास्थ्य विभाग में बस पास के लिए आए आवेदनों पर आधारित हैं।
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कैंसर के प्रमुख लक्षण
लगातार थकान महसूस होना
अचानक वजन घटना
कमजोरी आना
शरीर में गांठ या फोड़ा
खांसी या सीने में दर्द
कूल्हे या पेट में दर्द
महिलाओं को पीरियड्स में तकलीफ
कैंसर डे केयर आज से शुरू
सेक्टर तीन स्थित पॉलीक्लिनिक में बुधवार से अस्थायी रूप से 6 बेड का कैंसर डे केयर शुरू होगा। मुख्यमंत्री वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इसका उद्घाटन करेंगे। नागरिक अस्पताल में सुंदरीकरण कार्य पूरा होने के बाद इसे वहां भी शुरू किया जाएगा। इस डे केयर सेंटर में रोहतक पीजीआई में इलाज ले रहे मरीजों को भी कीमोथेरेपी उपलब्ध कराई जाएगी। वहीं, स्वास्थ्य विभाग किशोरियों (14-15 साल) को सरवाइकल कैंसर से बचाव की वैक्सीन लगाने की प्रक्रिया जल्द शुरू कर सकता है। डॉक्टरों और कर्मचारियों को इसकी ट्रेनिंग दी जा रही है।
बदलती जीवनशैली, पर्यावरण और फसलों में पेस्टीसाइड का अधिक उपयोग कैंसर के प्रमुख कारण हैं। “समय पर जांच और जागरूकता से इसे रोका जा सकता है। - डॉ. विष्णु मित्तल, जिला महामारी रोकथाम अधिकारी।