फतेहाबाद। एलएडीसी नीति के विरोध में नारेबाजी करते हुए वकील
फतेहाबाद। लीगल एड डिफेंस काउंसिल नीति को लेकर पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ के वकीलों का आक्रोश लगातार गहराता जा रहा है। संयुक्त कार्रवाई समिति के आह्वान पर शुक्रवार को फतेहाबाद बार एसोसिएशन के वकीलों ने अदालती कामकाज का पूरी तरह बहिष्कार (वर्क सस्पेंड) करते हुए धरना दिया।
इस दौरान अधिवक्ताओं ने केंद्र सरकार और संबंधित नीति के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। धरने को संबोधित करते हुए बार एसोसिएशन के पूर्व प्रधान नरेश सोनी ने कहा कि वकीलों की मुख्य मांग एलएडीसी नीति को तुरंत प्रभाव से रद्द करना है। उन्होंने जोर देकर कहा कि गरीबों और जरूरतमंदों को मुफ्त कानूनी सहायता प्रदान करने के लिए पुरानी पैनल एडवोकेट प्रणाली को ही दोबारा बहाल किया जाए।
वकीलों का तर्क है कि नई एलएडीसी व्यवस्था के लागू होने से न केवल अधिवक्ताओं की कार्य स्वतंत्रता प्रभावित हो रही है, बल्कि इससे युवा वकीलों के रोजगार के अवसर भी छिन रहे हैं। एलएडीसी नीति के विरोध में पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ के हजारों अधिवक्ता 7 अगस्त को दिल्ली स्थित जंतर-मंतर पर विशाल विरोध प्रदर्शन करेंगे। इस अवसर पर बार प्रधान दिनेश गेरा, पूर्व प्रधान देवीलाल, एच.एस. संधू, कमलेश वशिष्ठ, चंद्रभान, सुमनलता सिवाच, रामानंद, राजबीर, वीरेंद्र भादू, बलकार सिंह संधू, पवन सेठी और चंद्रभान नारंग समेत भारी संख्या में अधिवक्ता उपस्थित रहे।