जिला परिषद की बैठक में भाग लेते सदस्य। फाइल फोटो
फतेहाबाद। जिला परिषद की नवंबर माह में हुई बैठक के बाद अब तक कोई नई बैठक नहीं हुई, जिससे गांवों में परिषद के विकास कार्य अटके हुए हैं और नए प्रस्ताव पास नहीं हो पा रहे हैं। बैठक न होने से कई पार्षदों में असंतोष है, हालांकि वे खुलकर विरोध नहीं कर रहे हैं।
पार्षदों का कहना है कि बैठक न होने के कारण उनके क्षेत्र में जिला परिषद के काम भी पूरी तरह नहीं हो पा रहे। वहीं, नवंबर के बाद किसी पार्षद ने हाउस की बैठक बुलाने के लिए लिखित आवेदन नहीं दिया।
जिला प्रशासन और स्थानीय प्रतिनिधियों की ओर से बताया गया कि अब अप्रैल माह के पहले सप्ताह में बैठक होने की उम्मीद है। बैठक में पिछले साल किए गए कार्यों की समीक्षा और आगामी योजनाओं पर चर्चा होगी। करीब पांच माह से जनप्रतिनिधियों की ओर से कोई सक्रियता नहीं दिखने के कारण ग्रामीणों में नाराजगी है।
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नवंबर माह में हुई थी बैठक
जिला परिषद की ओर से 20 नवंबर को हाउस की बैठक बुलाई गई थी। जिसमें कामों को लेकर समीक्षा की गई और जिला पार्षदों को नए कामों को लेकर प्रस्ताव देने के लिए बोला गया था। जिसके बाद पार्षदों की ओर से दिए गए कामों को लेकर क्या हुआ, ये बात अगली बैठक में समीक्षा होनी है।
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अप्रैल माह के पहले सप्ताह में हाउस की बैठक की पूरी संभावना है, बैठक में कामों को लेकर समीक्षा बैठक के साथ-साथ नए काम को भी स्वीकृति मिलेगी।
- सुमन खिचड़, चेयरपर्सन जिला परिषद फतेहाबाद।