महिलाओं ने मटके फोड़ जताया रोष
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फतेहाबाद के गांव बरसीन के ग्रामीणों का पेयजल की समस्या को लेकर शनिवार सुबह गुस्सा फूट पड़ा। बड़ी संख्या में ग्रामीण सड़क पर उतर आए और सिरसा-चंडीगढ़ हाइवे को जाम कर दिया और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने जनस्वास्थ्य विभाग पर भी लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाएं अपने सिरों पर मटके लेकर पहुंची। जाम की सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया।
जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारी और कर्मचारियों पर आरोप
ग्रामीणों ने बताया कि शहर के साथ लगते गांव बरसीन में पिछले लंबे समय से पेयजल की समस्या बनी हुई है। उन्होंने बताया कि सिरसा-चंडीगढ़ हाईवे को चौड़ा करने का काम किया जा रहा है। जिससे गांव के आसपास की सड़क भी विभाग द्वारा तोड़ गई है। इस चक्कर में भूमिगत पेयजल लाइन भी क्षतिग्रस्त हो गई। ग्रामीणों ने बताया कि मरमम्मत का चलते देख उन्होंने विभाग को सूचित किया।
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पुलिस ने संभाला मोर्चा
ग्रामीणों का आरोप है कि जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारी और कर्मचारी काम में ढिलाई बरतते रहे। उन्होंने बताया कि गांव में पेयजल आपूर्ति हुए आज 20 दिन से अधिक हो गए हैं। पेयजल की आपूर्ति न होने के कारण ग्रामीण बहुत परेशान थे, महिलाओं को दूर दराज खेतों से अपने सिर पर पानी ढोना पड़ रहा था, वहीं कुछ ग्रामीण पानी के टैंकरों द्वारा पानी ला रहे थे, मगर यह अपर्याप्त था। उधर की सूचना मिलने पर शहर थाना प्रभारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए और जाम लगा रहे ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया गया।
जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को भी मौके पर बुलाया गया और पेयजल आपूर्ति लाइन की मरम्मत कर ठीक करने के निर्देश दिए। पुलिस प्रशासन के अधिकारियों के मान मन्नोवल के बाद ग्रामीणों ने जाम तो खोल दिया, मगर सड़क के एक किनारे हो कर बैठ गए। ग्रामीणों का कहना था कि जब तक गांव में पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित नहीं होती तब तक वे यहीं रहेंगे और अगर शीघ्र ही पेयजल आपूर्ति नहीं हुई तो वे दोबारा जाम कर देंगे।