फतेहाबाद। चेक बाउंस के एक मामले में अदालत ने महिला को दोषी ठहराते हुए उसे एक साल की सजा और 17.04 लाख रुपये का मुआवजा अदा करने का आदेश दिया है। यह फैसला जेएमआईसी अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद सुनाया। यदि महिला मुआवजा राशि का भुगतान निर्धारित समय में नहीं करती है, तो उसे अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी।
अदालत में चले अभियोग के अनुसार ढाणी ढाक निवासी पिंकी ने एचडीएफसी बैंक फतेहाबाद से 19 फरवरी 2016 को 22 लाख रुपये का केसीसी लोन और 6 लाख 40 हजार रुपये का टर्म लोन लिया था। लोन की अदायगी के लिए उसने बैंक को 17 लाख 4 हजार रुपये का चेक दिया, लेकिन खाते में पर्याप्त राशि न होने के कारण चेक बाउंस हो गया। इसके बाद बैंक प्रबंधन ने नियमानुसार नोटिस जारी किया, लेकिन महिला ने तय समय में भुगतान नहीं किया। बैंक ने बाद में अदालत में मामला दायर किया। इस मामले की पैरवी बैंक की ओर से अधिवक्ता इंद्र सिंहाना ने की। मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने दोषी को एक वर्ष की सजा सुनाई है। संवाद