भूना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में जच्चा और बच्ची।
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प्राइवेट बस में सवार होकर आ रही एक प्रवासी मजदूर महिला के बस में ही बच्ची को जन्म दिया है। हालांकि बच्चे की डिलिवरी से पहले प्राइवेट बस के चालक ने बस को भूना के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचा दिया लेकिन महिला की गंभीर स्थिति को देखते हुए चिकित्सक ने बस के अंदर ही महिला की डिलिवरी करवाई। अब बच्ची और जच्चा दोनों स्वस्थ हैं।
जानकारी अनुसार वीरवार को उकलाना रोड पर भूषण ईंट भट्ठे पर कार्यरत प्रवासी मजदूर धर्मेंद्र सिंह अपनी पत्नी सोनी देवी का अल्ट्रासाउंड करवा कर फतेहाबाद से वापस भूना प्राइवेट बस में आ रहा था। महिला को गांव झलनिया के पास प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। प्राइवेट बस के परिचालक जोगी राम जांडली खुर्द ने बस चालक सम्मत सिंह को गर्भवती महिला के बारे में पूरी जानकारी दी। चालक ने सूझबूझ का परिचय देते हुए बस को तेज गति से लेकिन सुरक्षित तरीके से चलाकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भूना में पहुंचाया। महिला डॉक्टर स्वाति की टीम ने तुरंत बस में सोनी देवी को संभाला। आखिरकार बस में सफर कर रही महिला की सुरक्षित डिलिवरी हुई। जहां डॉक्टर ने जच्चा-बच्चा दोनों को स्वस्थ बताया है। प्रवासी मजदूर के परिजनों ने निजी बस के चालक व परिचालक का आभार व्यक्त किया।
बच्ची की मां सोनी देवी ने बताया कि प्राइवेट बस से आते समय बस में ही बच्ची का जन्म हो गया। परिजनों को इस बात की खुशी है कि बच्ची का जन्म सकुशल हो गया। हालांकि सोना देवी के पहले ही तीन बेटियां हैं। परंतु अब चौथी बेटी के पैदा होने पर परिजनों के चेहरे मुरझाए नहीं बल्कि उत्साहित हैं।
मां-बेटी पूरी तरह स्वस्थ : डॉक्टर स्वाति
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भूना में महिला चिकित्सक स्वाति ने बताया कि प्राइवेट बस में सोनी देवी की डिलिवरी करवाई गई। क्योंकि उसे बस से बाहर उठाकर लाना खतरा हो सकता था। अब जच्चा बच्चा पूरी तरह से सुरक्षित है।