फतेहाबाद। शहर की एक कॉलोनी निवासी महिला लोगों के करोड़ों रुपये लेकर फरार हो गई। महिला के पास लोग करीब 6-7 वर्ष से बोली कमेटी के नाम पर निवेश कर रहे थे। महिला के लापता होने के बाद रुपये निवेश करने वाले लोगों में हड़कंप मचा हुआ है। मंगलवार सुबह बीघड़ रोड पर स्थित एक गली में महिला की कपड़ों की दुकान के बाहर लेनदारों ने इकट्ठे होकर हंगामा किया।
लोगों का कहना है कि दुकान संचालक महिला उनकी कमेटियों के करोड़ों रुपये लेकर रातों-रात गायब हो गई है। लोगों ने बताया कि शहर के काफी लोगों के रुपये फंस गए हैं। मौके पर मौजूद लोगों ने कहा कि वह कई वर्षों से बचत के नाम पर महिला के पास राशि जमा करवा रहे थे। अब दो दिनों से दुकान बंद है और मोबाइल भी बंद आ रहा है। मौजूद लोगों के अनुसार महिला की देनदारी 6 से 7 करोड़ के बीच हो सकती है।
मामले को लेकर पीड़ित लोग डीएसपी जगदीश काजला से मिले और लिखित शिकायत दी। डीएसपी ने शहर थाना प्रभारी को जांच के निर्देश दिए हैं। शिकायत के साथ लोगों ने सीसीटीवी फुटेज भी दी है। जिसमें रात के समय एक महिला घर से दो बैग लेकर एक कार में जाती दिख रही है।
तीन माह से मांग रहे थे रुपये नहीं दिए
दुकान के बाहर इकट्ठे हुए गौरव भाटिया, तरुण रुखाया, टोनी गिल्होत्रा, रोहताश, दीपक मिढ़ा आदि ने बताया कि महिला करीब 6-7 वर्ष से कपड़ों की दुकान चला रही थी। आरोपी महिला ने लोगों को झांसे में लेकर विश्वास कायम करके कमेटी व नकद रुपये का लेनदेन शुरू कर दिया। जिसमें लोग अपनी मेहनत की पूंजी जमा करवाते थे, ताकि कमेटी समाप्ति पर उन्हें रुपये बढ़कर मिलें। महिला के पास उनकी काफी राशि इकट्ठी हो गई। अब वे महिला से अपनी राशि तीन माह से मांग रहे थे लेकिन जब भी कॉल करते तो कोई जवाब नहीं मिलता। अब दो दिन से महिला को मोबाइल फोन बंद आ रहा था और दुकान भी बंद थी। जब उक्त महिला के घर गए तो उसके पति ने कहा कि पत्नी व बेटी लापता है और पुलिस को शिकायत देकर आए हैं। मंगलवार को दोबारा घर गए तो महिला का पति भी नहीं मिला। मामले में सीसीटीवी फुटेज भी मिली है जिसमें एक दिसंबर की रात को 2 बजकर 35 मिनट पर आरोपी महिला गाड़ी में बैठकर जा रही है। वहीं दुकान के बाहर मौजूद गौरव ने कहा कि उसने उक्त महिला से 8 लाख, दीपक मिढ़ा ने 4 लाख, टोनी ने 10 लाख, रोहताश ने 5 लाख, रोहित ने 5 लाख, तरुण रुखाया ने करीब 12 लाख रुपये लेने थे।
निवेश के नाम पर किया धोखा
शहर फतेहाबाद में बोली कमेटी का धंधा काफी चल रहा है। जिसमें पहले विश्वास के नाम निवेश करवाया जाता है और एक से दो साल तक लेनदेन ठीक रखने के बाद रुपये वापस न लौटाने के मामले आ रहे हैं लेकिन इसमें अभी तक कोई पुलिस कार्रवाई नहीं हुई है। वजह ये है कि जो भी लेनदेन होता है वह ऑनलाइन न होकर नकदी के रूप में होता है। उदाहरण के तौर पर बोली कमेटी संचालक 10 लोगों का समूह बनाता है और 10 हजार रुपये प्रति माह के हिसाब से निवेश शुरू किया जाता है। जिसमें 10 लोगों के एक लाख रुपये इकट्ठे हो जाते हैं। इसमें एक रुपये सैकड़ा के हिसाब से कमेटी फिक्स रखी जाती है, जरूरतमंद बोली देकर अपने नाम छुड़वा लेता है। बोली की राशि घटाकर छुड़वाने वाले को भुगतान कर दिया जाता है। जो संचालक होता है वह बिना फिक्स और बोली के दूसरी कमेटी अपने पास रखता है और पूरे 9 माह तक राशि इस्तेमाल करता है।
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रोती हुई महिलाएं बोलीं-दोस्ती के नाम पर ठग लिया
शहर के एमसी कॉलोनी में मंगलवार शाम को महिलाएं इकट्ठी हुईं। महिला नीरू ने कहा कि उसने भी कमेटी डाल रखी थी और उसकी दुकान संचालक महिला के साथ अच्छी दोस्ती थी। लेकिन उसे भी 10 से 12 लाख की चपत लगा दी। संतोष ने बताया कि उसने भी कमेटी डाल रखी थी और अब पूरी होने वाली थी, उसने 8 लाख रुपये लेने थे।
मामले में लिखित शिकायत आई है। शहर थाना प्रभारी को मामले में कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। पहला प्रयास रहेगा कि आरोपी महिला की तलाश की जाए। महिला के सामने आने के बाद राशि दिलवाने का प्रयास रहेगा। अगर राशि नहीं मिलती है तो शिकायतकर्ताओं के बयान लेकर रिपोर्ट तैयार करके आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- जगदीश काजला, डीएसपी