फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

इस गांव में शिक्षकों की कमी के कारण छात्राएं स्कूल छोड़ने को मजबूर

विज्ञापन
राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय भूना अध्यापक की कमी के कारण क्लास में खाली बैठी छात्राएं - फोटो : Fatehabad
विज्ञापन
शिक्षकों की कमी के चलते छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। सरकार की शिक्षा व्यवस्था को गुणवत्ता पर लाने के तमाम दावों की पोल राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक भूना में खुल रही है। स्कूल में गणित और फिजिक्स जैसे महत्वपूर्ण विषय के अध्यापकों के पद रिक्त होने से एक हजार के लगभग छात्राओं का भविष्य भी अंधकार में है। स्कूल में छात्राओं की पढ़ाई नहीं हो रही है। जिसके कारण कई छात्राओं ने स्कूल में आना भी बंद कर दिया है। सरकारी स्कूलों में बच्चों की संख्या बढ़ाने के लिए डोर टू डोर तक अभियान भी चलाया था। मगर अध्यापकों की कमी के कारण बच्चों को सरकारी स्कूल छोड़ने पर मजबूर होना पड़ रहा है।
विज्ञापन

क्या कहते हैं अभिभावक
छात्राओं के अभिभावक रामकुमार, राजेंद्र सिंह, ओमप्रकाश, सुरेंद्र कुमार और बलजीत सिंह ने बताया कि स्कूल में पिछले कई महीनों से दोनों विषयों के अध्यापक नहीं है, जो कक्षा 9वीं से 12वीं तक पढ़ाते हैं। वहीं कक्षा छठी से आठवीं तक ड्राइंग व पीटी के पद भी रिक्त पड़े हुए हैं। अधिकारियों को कई बार लिखित में मांग पत्र देकर अध्यापकों की स्कूल में कमी को पूरा करने को लेकर गुहार लगाई जा चुकी है। इसके बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ। जिससे छात्राओं को स्कूल में खाली बैठकर अपने घर आना पड़ रहा है।
जिला शिक्षा अधिकारी को भेजा है लिखित पत्र : स्कूल प्रिंसिपल
राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय भूना के प्रिंसिपल एंव इंचार्ज ईश्वर सिंह ने बताया कि पिछले कई महीनों से गणित के तीन, फिजिक्स का एक, ड्राइंग, पीटी के पद रिक्त पड़े हुए हैं। जिला शिक्षा अधिकारी को उक्त पदों पर अध्यापकों की नियुक्ति करने को लेकर लिखित पत्र भेजा जा चुका है। उपरोक्त विषयों के अध्यापक स्कूल में नहीं होने के कारण शिक्षा प्रभावित हो रही है। स्कूल में 937 छात्राओं ने दाखिला लिया हुआ है और दाखिला प्रक्रिया चल भी रही है। जबकि दसवीं कक्षा में 160 छात्राएं हैं। जिनको 4 सेक्शन में पढ़ाया जा रहा है।
विज्ञापन

सरकार दिल्ली पैटर्न पर काम कर रही है मगर अध्यापक है ही नहीं
इनेलो के जिलाध्यक्ष सरदार बलविंदर सिंह कैरों ने कहा कि मनोहर लाल सरकार दिल्ली की शिक्षा नीति पर काम करने के लिए भरसक प्रयास कर रही है। किंतु स्कूलों में छात्राओं को पढ़ाने के लिए सरकार के पास अध्यापक तक नहीं है, ऐसे हालातों के चलते दूसरे राज्य की शिक्षा नीति का मुकाबला नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि अध्यापकों के रिक्त पदों से बेटियां आगे नहीं बढ़ पा रही है जबकि सरकार शिक्षा सुधार में करोड़ों रुपये पानी की तरह बहा रही है।
राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय भूना में गणित और फिजिक्स के अध्यापकों कमी को पूरा किया जाएगा। गणित अध्यापक कैलाश शर्मा को डेपुटेशन पर सप्ताह में तीन दिन भूना भेजा जाएगा, जब तक की स्थाई अध्यापक की नियुक्ति नहीं हो जाती। इन सभी रिक्त पदों की सूची सरकार को भेजी जा चुकी है। - दयानंद सिहाग, जिला शिक्षा अधिकारी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें