फतेहाबाद। पूर्व सांसद अशोक तंवर के आम आदमी पार्टी (आप) छोड़कर भाजपा में शामिल होने से अब जिले में सियासी समीकरण बदलेंगे। जिले में भाजपा को और मजबूती मिलेगी। खासकर, रतिया क्षेत्र में भाजपा को और फायदा होगा। वहीं, अब आप को अपना विस्तार करने के लिए और मेहनत करनी पड़ेगी। अशोक वर्ष 2009 में कांग्रेस के टिकट पर सिरसा लोकसभा क्षेत्र से सांसद बने थे। इसलिए उनका इस क्षेत्र में विशेष प्रभाव रहा है।
तंवर के भाजपा में जाने से उनके समर्थकों के इस्तीफों का दौर शुरू हो गया है। रतिया निवासी बीसी सेल के संयुक्त प्रदेश सचिव सुरेंद्र जांगड़ा ने भी अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। इससे पहले तंवर के साथ आप में जुड़े लोग भी अब भाजपा में जा सकते हैं।
रतिया में सक्रिय हो रही आप को लगा झटका
तंवर के जाने से रतिया में सक्रिय हो रही आप को झटका लगा है। पंजाब के साथ जुड़ी होने के कारण अनुसूचित वर्ग के लिए आरक्षित रतिया विधानसभा सीट पर आप की पकड़ मजबूत होती जा रही थी। यहां अशोक का प्रभाव भी पार्टी के लिए फायदेमंद साबित हो रहा था लेकिन अब नए समीकरणों में भाजपा का ग्राफ बढ़ने की उम्मीद है।
कोट
आप का संगठन पहले से और मजबूत हुआ है। अशोक के जाने का कोई बड़ा प्रभाव नहीं दिखा है। पार्टी निश्चित रूप से प्रदेश में सरकार बनाएगी। फतेहाबाद से जुड़ा होने के कारण पंजाब क्षेत्र में किए गए पार्टी के कामों का यहां फायदा मिलेगा। लोग अरविंद केजरीवाल की विचारधारा से जुड़ रहे हैं। - लक्ष्य गर्ग, प्रदेश सहसचिव, आप।
कोट
पूर्व सांसद अशोक तंवर और उनके समर्थकों का भाजपा परिवार में स्वागत है। हमें पूर्ण विश्वास है कि पार्टी से सौंपे गए कार्यों को वह पूरी निष्ठा से पूरा करेंगे। निश्चित रूप से जिले में पार्टी और मजबूत होगी।
- बलदेव सिंह ग्रोहा, जिलाध्यक्ष, भाजपा।