गांव लाली में पिछले साल शराब तस्करी के आरोपी के घर पुलिस छापामारी के दौरान धक्कामुक्की से ढाई माह के बच्चे की मौत के मामले में पुलिस ने दो एएसआई पर गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया है। रतिया सदर थानाध्यक्ष पुष्पा सिहाग ने इस मामले में आरोपी एएसआई शीशपाल और महाबीर के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने की पुष्टि की है।
पिछले साल 12 जुलाई को रतिया पुलिस के एएसआई शीशपाल व महाबीर को सूचना मिली थी कि लाली गांव निवासी महेंद्र शराब की अवैध तस्करी का काम करता है। सूचना के आधार पर रतिया पुलिस की एक टीम ने आरोपी महेंद्र के घर पर छापा मारा। इस दौरान महेंद्र के परिवार और छापा मारने गई पुलिस पार्टी के बीच हाथापाई हो गई। आरोप है कि इस हाथापाई के चलते महेंद्र की पत्नी मितू रानी के हाथ से उसका ढाई माह का बच्चा छिटक गया और धरती पर जा गिरा। बाद में उपचार के दौरान बच्चे की मौत हो गई। पुलिस ने इस मामले में महेंद्र के परिवार के खिलाफ सरकारी ड्यूटी में बाधा पहुंचाने का मामला दर्ज कर लिया था। वहीं, महेंद्र की पत्नी मितू ने पुलिसकर्मियों के खिलाफ शिकायत दी थी, जिस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। हालांकि, हिसार में बच्चे का उपचार करने वाले निजी अस्पताल संचालक ने उस समय अंदरूनी या बाहरी चोट लगने से इंकार किया था। बाद में परिजनों के जोर देने पर मृतक बच्चे का पोस्टमार्टम रोहतक पीजीआई के चिकित्सकों के पैनल से कराया गया था। पीजीआई से आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट में साफ तौर पर कहा गया कि बच्चे के सिर में चोट लगने से उसकी मौत हुई। फिर भी पुलिस विभाग ने इस मामले में दोनों पुलिसकर्मियों के खिलाफ मामला दर्ज करने से पहले सरकारी वकील से भी राय ली। सरकारी वकील ने भी इस मामले में आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ अपनी राय पुलिस कप्तान कार्यालय को भेजी तो रतिया पुलिस को आखिरकार दोनों एएसआई शीशपाल व महाबीर के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज करना पड़ा। दोनों एएसआई के खिलाफ मामला दर्ज होने से पुलिस महकमे में हड़कंप की स्थिति है।
इस मामले में रतिया थाना में तैनात एएसआई शीशपाल और महाबीर के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया गया है। हम अभी तथ्यों की जांच कर रहे हैं। जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- पुष्पा सिहाग, सदर थाना प्रभारी, रतिया