रतिया। हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के 40 सदस्यों में से दो का रतिया क्षेत्र से भी चुनाव किया गया। जिसमें वार्ड 26 रतनगढ़ से हरियाणा सिख पंथक दल ग्रुप के काका सिंह लधुवास ने जीत हासिल की। वहीं वार्ड 28 हल्का रतिया से आजाद उम्मीदवार इकबाल सिंह ने जीत दर्ज की।
जीत के बाद दोनों सदस्य ने कहा कि उनका लक्ष्य हरियाणा के गुरुद्वारों का विकास करते हुए सिख धर्म का प्रचार कर शिक्षा को बढ़ावा देना रहेगा। वार्ड 26 से सदस्य काका सिंह ने कहा कि उन्हें क्षेत्र की जनता ने गुरुघरों के बेहतर संचालन और धर्म के प्रचार प्रसार को लेकर कार्य करने का जिम्मा सौंपा। वह उसे पूरी तरह निभाएंगे तथा प्रदेश में अलग कमेटी के तहत हरियाणा के गुरुद्वारा का विकास करते हुए पारदर्शिता से काम करेंगे। उनके ग्रुप की अगवाई कर रहे प्रमुख नेता बलदेव कैमपुरा प्रदेश की कमेटी बनाने को लेकर जो भी फैसला लेंगे, उनके साथ मिलकर काम करेंगे।
वार्ड 28 से जीते आजाद उम्मीदवार इकबाल सिंह ने कहा कि वह गुरुद्वारों के रखरखाव को लेकर विशेष कार्य योजना पर काम करेंगे। क्योंकि यह उनके प्रचार प्रसार में मुख्य मुद्दा था तथा उनका उद्देश्य शिक्षा के सत्र को और मजबूत ढंग से शुरू करवाने का रहेगा। प्रदेश के गुरुद्वारों का पैसा पूरी ईमानदारी से प्रदेश के गुरुद्वारों पर खर्च करने, अस्पताल बनवाने तथा उसमें हरियाणा के सिखों को कम दिए जाने की वकालत करना रहेगा। जिसके लिए वह प्रदेश में ऐसी कमेटी बनाने का प्रयास करवाएंगे। संवाद
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किसे चुनेंगे प्रधान, अभी संशय
मुझे जाखल-कुलां वार्ड 25 की सिख संगत ने सर्वसम्मति से सदस्य बनाया है। मैं आगे भी सिख संगत के फैसले के साथ हूं। जो क्षेत्र की संगत फैसला लेगी वह मंजूर होगा।
- अमनदीप कौर, सदस्य वार्ड 25
- हरियाणा सिख पंथक दल से चुनाव लड़ा था। हल्के की सिख संगत ने भरोसा जताकर सदस्य बनाया है। दल जो भी फैसला लेगा उसके साथ हूं। प्रदेश की संगत की भलाई के लिए कार्य किए जाएंगे।
- काका सिंह, लधुवास, वार्ड 26
- प्रदेश में 22 से अधिक आजाद उम्मीदवार जीते हैं, जिसके लिए सभी की बैठक करने की कोशिश करेंगे। अगर आजाद उम्मीदवार इकट्ठा होते हैं तो उनमें से किसी को प्रधान बनाने का प्रयास किया जाएगा। सिख धर्म का प्रचार करेंगे और प्रदेश के गुरुद्वारों का विकास करवाएंगे।
इकबाल सिंह, आजाद, वार्ड 28
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पूर प्रदेश के जीते निर्दलीय उम्मीदवारों को एकत्रित करने का प्रयास किया जा रहा है। उसमें से एक को प्रधान चुना जाएगा। अगर यह रणनीति कामयाब रही तो ठीक है नहीं तो दूसरे पक्ष में जाने का विचार करेंगे। हालांकि अभी ये तय नहीं है कि किस पक्ष में जाएंगे।
- कर्मजीत सिंह सालमखेड़ा, वार्ड 27