समैन। गांव पारता में ग्राम पंचायत ने खेत की ढाणियों की तरफ जाने वाले बंद रास्ते को खोल दिया। इस रास्ते को ग्राम पंचायत ने 28 मई को पंचायती जमीन पर अवैध कब्जा बताते हुए बंद करवा दिया था।
खेत की ढाणियों में बसे ग्रामीणों ने इस रास्ते को ग्राम पंचायत द्वारा बंद किए जाने के बाद इसकी शिकायत मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी व जिला उपायुक्त मनदीप कौर को दी थी। फिलहाल ग्राम पंचायत ने बीडीपीओ की अगुवाई में इस बंद रास्ते को खोल दिया है।
बता दें कि गांव पारता में गाजूवाला रोड पर खेतों में 20 से अधिक ढाणियां बसी हैं। गाजूवाला रोड से इन ढाणियों में जाने के लिए पंचायत की तीन एकड़ जमीन में 11 फुट का पक्का रास्ता बनाया गया है। इसी रास्ते पर ग्राम पंचायत व ढाणियों में बसे ग्रामीणों के बीच विवाद चल रहा है। 28 मई को ग्राम पंचायत ने इस रास्ते को अवैध बताते हुए इस बंद कर दिया था।
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जिला उपायुक्त से लेकर मुख्यमंत्री तक पहुंची शिकायत
खेत की ढाणियों में जाने वाले पंचायती रास्ते को बंद किए जाने के बाद ढाणियों में बसे ग्रामीणों ने इसकी शिकायत मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी व जिला उपायुक्त को दी। ग्रामीण कपिल सिंह, रामकुमार, विनोद कुमार, वेदप्रकाश, मुकेश, बीर सिंह ने शिकायत में कहा कि उनकी ढाणियों की तरफ जाने वाला पंचायती रास्ता बंद कर दिया गया है। इस कारण उन्हें अपनी ढाणियों में आवागमन में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीण कपिल ने बताया कि रास्ता बंद होने से उन्हें दूसरे किसानों के खेतों के बीच से गांव में आना जाना पड़ रहा था।
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ग्राम पंचायत ने 28 मई को जब पंचायती जमीन का रास्ता बंद करवाया, तब कोई पीड़ित सामने नहीं आया। इसलिए इस रास्ते को अवैध मानते हुए बंद करवा दिया गया था। अब पीड़ित पक्ष सामने आए हैं, इसलिए रास्ते को खोल दिया गया है।
-हनीश कुमार, बीडीपीओ टोहाना।