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Fatehabad News: गेहूं बिकने को तैयार, नमी का बहाना बना रहे जिम्मेदार, जांच में नमी मिली 11.1 प्रतिशत

Mon, 06 Apr 2026 10:37 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
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पुरानी अनाज मंडी में रखी गेहूं की ढेरी जिसमें नमी की मात्रा 11.1 है। संवाद
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फतेहाबाद। जिले की अनाज मंडियों में गेहूं की आवक में तेजी देखने को मिल रही है लेकिन सरकारी खरीद एजेंसियों की उदासीनता के कारण किसान अपनी फसल मंडियों में छोड़ने को मजबूर हैं। आढ़तियों के भरोसे तुलाई के बाद गेहूं छोड़ रहे किसानों को खरीद एजेंसियों के अधिकारी मंडियों में नहीं दिख रहे हैं। अधिकारी गेहूं में नमी का हवाला देकर खरीद से बच रहे हैं जिससे सरकारी खरीद प्रभावित हो रही है।
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सोमवार को जिले की अनाज मंडियों में 50 हजार क्विंटल गेहूं की आवक हुई जबकि 650 किसानों को गेट पास जारी किए गए थे। पुरानी अनाज मंडी में खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की बारी थी लेकिन एजेंसी ने गेहूं खरीदने के लिए कोई कदम नहीं उठाया। संवाद न्यूज एजेंसी संवाददाता ने मंडी में जाकर निजी उपकरणों से गेहूं में नमी की जांच की तो केवल 11.1 प्रतिशत नमी मिली। यह नमी सरकारी खरीद की सीमा 12 प्रतिशत से कम है। इसके बावजूद एजेंसियां दावा कर रही हैं कि गेहूं में नमी अधिक है और खरीद नहीं की जा सकती। किसानों का आरोप है कि फसल पूरी तरह सूखी है लेकिन एजेंसियां जानबूझकर खरीद में देरी कर रही हैं। इस वजह से किसान मंडियों में गेहूं की ढेर लगाने को मजबूर हैं और उनकी परेशानी बढ़ती जा रही है।





ये हैं खरीद एजेंसियां : जिला में गेहूं की सरकारी खरीद करने के लिए चार एजेंसियां कार्यरत है। इसमें खाद्य एवं आपूर्ति विभाग, भारतीय खाद्य निगम, हैफेड व वेयर हाउस शामिल है। सभी एजेंसियां शेड्यूल के अनुसार अनाज मंडियों व खरीद केंद्रों में गेहूं की सरकारी खरीद करती हैं।
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खरीद नहीं हुई तो बारदाना भी नहीं भेजा

अनाज मंडी के आढ़ती प्रिंस ने बताया कि उन्हें अभी तक उनको खरीद एजेंसियाें ने बारदाना उपलब्ध नहीं कराया है। जबकि खरीद शुरू करने के निर्देश पांच दिन पहले से जारी हो चुके हैं। शहर की अनाज मंडी में सोमवार को खाद्य एवं आपूर्ति विभाग को खरीद शुरू करनी थी लेकिन दिनभर खरीद एजेंसी ने खरीद शुरू नहीं की। खरीद न होने के कारण खरीद एजेंसी ने मंडी व खरीद केंद्रों पर बारदाना भी नहीं भेजा।

बायोमेट्रिक सत्यापन में आई तेजी

मार्केट कमेटी व प्रदेश सरकार की ओर से दूसरे राज्यों से आ रही गेहूं व सरसों की फसल के लिए बायोमेट्रिक हाजिरी और गेट पास की प्रक्रिया अनिवार्य की है। मंडी के सभी गेट पर मार्किट कमेटी के कर्मचारी हैं। जिन ट्रैक्टर-ट्रॉलियों या वाहनों पर नंबर प्लेट नहीं है कर्मचारी उन पर हाथ से नंबर लिखकर तुरंत बायोमेट्रिक सत्यापन कर रहे हैं। एक किसान की बायोमेट्रिक प्रक्रिया में मात्र एक से दो मिनट का समय लग रहा है जिससे किसानों को अपनी बारी के लिए ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ रहा।

मैं सोमवार सुबह ही अनाज मंडी में गेहूं की फसल लेकर पहुंचा हूं। यहां आते ही मेरी बायोमेट्रिक हो गई है, लेकिन सरकारी खरीद नहीं हो सकी है। ऐसे में आढ़ती के कहने पर मंडी में गेहूं की फसल छोड़कर जा रहा हूं। - सुभाष, किसान, बनावली।



मेरा बायोमेट्रिक सत्यापन मात्र एक मिनट से भी कम समय हो गया। अगर तकनीकी खराबी न हो तो इस प्रक्रिया से किसानों को कोई परेशानी नहीं हैं। - मुखत्यार सिंह, किसान हिजरावांखुर्द।



मेरे ट्रैक्टर की नंबर प्लेट नहीं है। ऐसे में हाथ से नंबर लिखकर मेरा बायोमेट्रिक सत्यापन किया गया। ऐसे में मुझे अतिरिक्त समय नहीं लगा है। मैं दो ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर अनाज मंडी में पहुंचा हूं जिसमें एक ट्रैक्टर का नंबर है लेकिन दूसरे का नहीं है। - रमेश, किसान, भूथनकलां।

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सभी खरीद एजेंसियाें के पास बारदाना और नमी जांच की मशीनें उपलब्ध हैं। सरकार की ओर से विभाग को उपलब्ध करवाई गई गेहूं की नमी जांचने वाली मशीन में अभी तक नमी की मात्रा 12 प्रतिशत से अधिक दर्ज हो रही है। जैसे ही उचित नमी व गुणवत्ता की गेहूं मंडी में पहुंचेगी तो खरीद की जाएगी। - कुशल बूरा, जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक, फतेहाबाद।
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