फतेहाबाद/रतिया। जिले में शनिवार शाम मौसम ने करवट बदली। तेज हवाओं के साथ आसमान में बादल छा गए और फतेहाबाद क्षेत्र में बूंदाबांदी हुई। रतिया क्षेत्र में बारिश के साथ ओलावृष्टि भी हुई। मौसम में आए बदलाव से तापमान में गिरावट की उम्मीद जगी है। मौसम विशेषज्ञों ने रविवार और सोमवार को जिले में हल्की बारिश होने के आसार जताए हैं।
शनिवार को जिले में अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। शाम को तेज हवा चलने से सड़कों पर धूल उड़ने लगी जिससे वाहन चालकों को परेशानी हुई। दोपहिया वाहन चालकों को विशेष रूप से दिक्कतों का सामना करना पड़ा। धूल के कारण दृश्यता प्रभावित होने से वाहन चालकों को सावधानी बरतनी पड़ी।
धान की कटाई प्रभावित होने की आशंका
मौसम में बदलाव से किसानों की चिंता बढ़ गई है। इन दिनों खेतों में धान की कटाई का काम चल रहा है। किसानों को आशंका है कि बारिश होने से कटाई का काम प्रभावित हो सकता है। खेतों में खड़ी फसल के साथ कटाई के बाद खेतों में रखी धान की फसल को भी नुकसान पहुंचने की संभावना है। किसानों का कहना है कि यदि मौसम का मिजाज इसी तरह बना रहा और बारिश हुई तो फसल की कटाई और उसे सुरक्षित रखने में परेशानी हो सकती है। ऐसे में किसान मौसम पर नजर बनाए हुए हैं। रविवार और सोमवार को हल्की बारिश के पूर्वानुमान के चलते किसानों की चिंता बढ़ गई है।
:::::::::: प्रदेश में शनिवार देर रात्रि से हवाओं के बदलाव से 25 व 26 अक्तूबर को मौसम परिवर्तनशील रहेगा। इस दौरान कहीं-कहीं बूंदाबांदी या बारिश हो सकती है। 26 अक्तूबर के बाद राज्य में मौसम आमतौर पर खुश्क रहने हल्की से मध्यम गति से हवा चलने की संभावना है।
डॉ. मदन खिचड़, विभागाध्यक्ष मौसम विज्ञान विभाग, एचएयू हिसार।
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रतिया क्षेत्र में ओलावृष्टि से धान की फसल को भारी नुकसान, किसानों ने मांगा मुआवजा
रतिया क्षेत्र में शनिवार शाम को बारिश के साथ हुई ओलावृष्टि से नागपुर, अजीतनगर, मढ़ सहित कई गांवों में खेतों में खड़ी धान की फसल को भारी नुकसान की आशंका है। मंडियों में खुले में पड़ी धान की फसल भी बारिश और ओलावृष्टि से प्रभावित हुई है। इससे किसानों की चिंता बढ़ गई है।
किसान नेता गुरु चरण सिंह और अमन निर्भय ने कहा कि खेतों में धान की फसल पूरी तरह पककर तैयार खड़ी है। ऐसे समय में बारिश के साथ हुई ओलावृष्टि से फसल को काफी नुकसान हो सकता है। उन्होंने कहा कि किसान पहले ही धान की खरीद और उठान संबंधी समस्याओं से जूझ रहे हैं। अब प्राकृतिक आपदा ने उनकी मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।
एक लाख रुपये प्रति एकड़ मुआवजे की मांग
पगड़ी संभाल जट्टा किसान संगठन के प्रदेश अध्यक्ष मनदीप सिंह नथवान ने कहा कि शनिवार देर शाम हुई ओलावृष्टि से खेतों में खड़ी फसल के साथ-साथ मंडियों में पड़ी धान की फसल को भी नुकसान पहुंचा है। उन्होंने प्रदेश सरकार से प्रभावित किसानों को एक लाख रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से मुआवजा देने की मांग की।
मनदीप सिंह नथवान ने बताया कि रविवार को संगठन के प्रतिनिधि गांव-गांव जाकर किसानों से मिलेंगे और ओलावृष्टि से हुए नुकसान का जायजा लेंगे। इसके बाद किसानों के नुकसान और उनकी समस्याओं को ध्यान में रखते हुए आगामी रणनीति बनाई जाएगी। उन्होंने कहा कि किसानों को हुए नुकसान की भरपाई करवाने के लिए संगठन संघर्ष करेगा। सरकार को प्रभावित किसानों के नुकसान का उचित आकलन करवाकर उन्हें मुआवजा देना चाहिए। किसानों को उनके नुकसान की पाई-पाई का हिसाब दिलाने के लिए संगठन आवाज उठाएगा।