भूना। शहर में उत्पन्न जलभराव की स्थिति पर अब धीरे-धीरे नियंत्रण होता नजर आ रहा है। नगर पालिका प्रशासन, जन स्वास्थ्य विभाग और सामाजिक संगठनों की संयुक्त मेहनत से अधिकतर इलाकों से पानी की निकासी कर दी गई है। सड़कों और कॉलोनियों में जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त कर दी गई है, जिससे लोगों ने राहत की सांस ली है।
हालांकि, उप तहसील कार्यालय परिसर अभी भी पूरी तरह पानी में डूबा हुआ है। स्टांप विक्रेताओं और एडवोकेट की कुर्सियां व मेजें पानी में तैरती नजर आ रही हैं। वहीं हिसार रोड से मॉडल टाउन की पहली गली में अब भी एक फुट तक पानी खड़ा हुआ है। ढाणी गोपाल गांव में चमार खेड़ा रोड पर करीब 100 एकड़ में 2 फुट से अधिक का जल भराव है।
जिससे किसानों की धान की फसल पूरी तरह से डूबी हुई। किसान मनोज कुमार बिढ़ासरा व राजेश कुमार ने पानी निकासी के लिए गुहार लगाई है। शहर में जलभराव की समस्या से निपटने में डीएमसी संजय बिश्नोई, नगर पालिका सचिव दीपक कुमार, जन स्वास्थ्य विभाग के एसडीओ भागीराम व सतपाल सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। इसके अतिरिक्त नगर पालिका के चेयरमैन प्रतिनिधि, वाइस चेयरमैन, पार्षदगण व सामाजिक संगठनों ने भी सराहनीय योगदान दिया है।
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मॉडल टाउन में टैंकरों से घर-घर पहुंचाया जा रहा पानी
जन स्वास्थ्य विभाग के एसडीओ भागीराम ने जानकारी दी कि जलभराव की स्थिति अब नियंत्रण में है और अधिकांश इलाकों में वाटर वर्क्स की सप्लाई पुनः शुरू कर दी गई है। हालांकि मॉडल टाउन क्षेत्र में अभी जलभराव के चलते पाइपलाइन लीकेज की समस्या बनी हुई है, जिस कारण वहां टैंकरों व ट्रैक्टरों के माध्यम से घर-घर पानी पहुंचाया जा रहा है। मंगलवार को लीकेज सुधार का कार्य किया जाएगा, जिसके बाद बुधवार से यहां भी जलघर की नियमित सप्लाई शुरू कर दी जाएगी।
जलजनित बीमारियों से बचाव के लिए मेडिकल टीमें तैनात
सीएमओ डॉ. सन्नी मल्होत्रा ने बताया कि जल प्रभावित क्षेत्रों में 7 मेडिकल टीमों को तैनात किया गया है, जो घर-घर जाकर लोगों के स्वास्थ्य की जांच कर रही हैं। रविवार तक 640 घरों में जांच की गई, जबकि सोमवार को 137 घरों में विशेष रूप से महिलाओं और बच्चों की जांच कर दवाइयां वितरित की गईं। इसके अतिरिक्त सीएचसी में 200 के करीब मरीज सोमवार को पहुंचे। जिनमें 140 नए मरीज दर्ज किए गए हैं। मल्होत्रा ने लोगों से अपील की कि वे पीने के पानी को उबालकर या क्लोरीन की गोली डालकर ही उपयोग करें, ताकि जलजनित रोगों से बचाव हो सके। स्क्रीनिंग के दौरान बुखार के 94, पेट दर्द के 27, डायरिया के 24, आंख में दिक्कत के 39 और चर्म रोग के 167 मरीज मिल चुके है।