फतेहाबाद। जिले में पिछले साल आई बाढ़ के कारण हुए नुकसान के खौफनाक मंजर को लोग भूले नहीं हैं कि अब एक बार फिर शहर के आसपास बाढ़ जैसे हालात हो गए हैं। 5 जुलाई को हुई बारिश और जनस्वास्थ्य एवं आभियांत्रिकी विभाग की ओर से रंगोई नाले तक डाली गई पाइप की लीकेज के कारण शहर के साथ लगते खेतों में एक बार फिर जलभराव हो गया है।
नेशनल हाईवे के साथ लगते खेतों में तीन से चार फीट तक पानी जमा है। इस कारण एक हजार एकड़ में लगाई गई धान और ज्वार की फसल में जलभराव हो चुका है। वहीं, आसपास की 10 ढाणियों के चारों तरफ पानी भर गया है। ढाणियों को जाने वाले रास्ते पर पानी भरा हुआ है। ढाणियों के लोगों को ट्रैक्टर पर सवार होकर आना-जाना करना पड़ रहा है। माजरा अंडरब्रिज के साथ लगती ढाणी के निवासी महेंद्र कुमार, सुरेंद्र कुमार, सतपाल सिंह और विक्रम कुमार आदि ने बताया कि पिछले वर्ष आई बाढ़ के कारण उनकी फसलों, ट्यूबवेलों और मकानों में हुए नुकसान का मुआवजा अभी तक जारी नहीं हुआ है। इस बार बारिश का पानी एकत्रित होने से उनकी फसलें खराब हो गई हैं। ऐसे में अगर अब दोबारा बारिश होती है तो इस क्षेत्र के किसानों के खेतों में फसलें नहीं हो पाएंगी। किसानों ने 15 जून के बाद धान की रोपाई शुरू कर दी थी और बारिश का पानी जमा होने से पहले तक धान की रोपाई खत्म कर दी थी। अब पानी एकत्रित होने के कारण सारी फसल नष्ट हो गई हैं।
अभी तक जलभराव खत्म करने के नहीं शुरू हुए प्रयास
हैरानीजनक बात यह है कि अभी तक प्रशासन की ओर से जलभराव को खत्म करने के लिए कोई प्रयास ही शुरू नहीं किए गए हैं। ढाणियों के लोगों और किसानों को राम भरोसे छोड़ दिया गया है। खेतों के अलावा माजरा रोड पर हाईवे के साथ स्थित आर्यन स्कूल के अंदर और बाहर भी जलभराव हुआ है। स्कूल के गेट पर तो दो दिनों से पानी भरा हुआ है। इस कारण स्कूल स्टाफ सदस्यों और विद्यार्थियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जरूर ढाणीवासियों की सुध ली है। उनके पास स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जाकर स्वास्थ्य संबंधी जानकारी ली है।
कोट
पाइप लाइन की लीकेज को ठीक करवाने का काम जन स्वास्थ्य विभाग का है। जलभराव खत्म करवाने का काम हमारी मैकेनिकल विंग देखती है।
-राजेश कुमार, एसडीओ, सिंचाई विभाग
कोट
शहर से पानी निकासी के लिए रंगोई नाले तक डाली गई पाइप लाइन लीकिज हुई थी। मगर अब लीकिज को ठीक करवा दिया गया है।
सतपाल रोज, एसडीओ, जनस्वास्थ्य एवं आभियांत्रिकी विभाग