फतेहाबाद। जिले में मानसून के दौरान हुई बारिश और जलभराव ने सैकड़ों परिवारों के आशियाने छीन लिए। इसके लिए प्रदेश सरकार की ओर से आर्थिक मदद के नाम पर नाममात्र राशि जारी की है। जिले के लोगों का कहना है कि बारिश से क्षतिग्रस्त हुए मकानों के लिए जिला प्रशासन ने जो सहायता राशि जारी की है, उससे सरकारी औपचारिकता पूरी की जा रही है। इस बारे में जब संबंधित अधिकारियों से बात की तो उन्होंने एक दूसरे का जिम्मेदार ठहराया।
जिला राजस्व विभाग के अनुसार, जिले में जलभराव से हुए नुकसान का आकलन करने के बाद कुल 582 लोगों को मुआवजे के लिए पात्र माना है। हालांकि इसके लिए कितने लोगों ने आवेदन किए हैं। इस बारे में काई जानकारी नहीं है। इन पात्रों के लिए कुल 1.05 करोड़ रुपये की राशि जारी की गई है। हालांकि, नुकसान की तुलना में यह राशि बहुत कम है।
मकान मरम्मत के लिए महज 10 हजार
मुआवजे के वर्गीकरण के लिए लोगों में असंतोष है। जिला राजस्व विभाग ने मकानों की मरम्मत के कार्य के लिए महज 10 हजार रुपये की सहायता राशि जारी की है। 10 हजार रुपये में एक दीवार का निर्माण करना भी संभव नहीं है। ऐसे में इस राशि से लोगों को आर्थिक राहत नहीं मिल सकी है। महेंद्र निवासी गांव चिंदड़ और गांव बह्मनवाला के जितेंद्र सिंह ने बताया कि बारिश से मेरे घर की छत गिर गई और दीवारों में दरारें आ गई हैं। अभी तक मेरे खाते में मुआवजे की राशि नहीं डाली गई है। वहीं अब सरकार की ओर से घर मरम्मत के लिए 10 हजार रुपये देने की सूचना मिली है। इससे किसी भी प्रकार का मरम्मत कार्य नहीं किया जा सकता है। राशि को बढ़ाया जाना चाहिए।
पूर्ण क्षतिग्रस्त मकानों को 1.20 लाख की सहायता
बारिश से जो मकान पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त हो चुके हैं उनके लिए 1.20 लाख रुपये का मुआवजा तय किया गया है। पीड़ितों का कहना है कि एक नया कमरा तैयार करने में भी इससे कहीं अधिक राशि खर्च हो जाती है। ऐसे में बेघर हो चुके परिवार इतनी कम राशि में सिर छिपाने के लिए मकान कैसे तैयार करें।
वर्जन
जलभराव से क्षतिग्रस्त हो चुके और ढह चुके मकानों के लिए मुआवजा जारी करने के लिए जिला राजस्व विभाग के पास जानकारी है। मुआवजा जारी करने का काम राजस्व विभाग का है न कि एसडीएम का।- राजेश कुमार, एसडीएम, फतेहाबाद।
सरकार की ओर से जारी किए गए मुआवजे की जानकारी एसडीएम साहब के पास है। मकानों के क्षतिग्रस्त होने के मुआवजे के बारे में मुझे किसी भी प्रकार की जानकारी नहीं है।- श्याम लाल, जिला राजस्व अधिकारी, फतेहाबाद।