फतेहाबाद। भूना शहर में जलभराव कम होने के बाद अब बीमारियां फैलने का अंदेशा बना हुआ है। बीमारियों पर नियंत्रण के लिए स्वास्थ्य विभाग ने आठ टीमें गठित करके स्क्रीनिंग शुरू की है। जांच के दौरान स्किन एलर्जी के सबसे ज्यादा मामले सामने आ रहे हैं। इसके अलावा बुखार की चपेट में भी लोग हैं।
लोगों में पेट संबंधित बीमारियां भी मिल रही हैं। डायरिया के केस मिलने के चलते स्वास्थ्य विभाग ने पानी की टेस्टिंग शुरू की है। जनस्वास्थ्य विभाग ने एक हजार किलो ब्लीचिंग पाउडर भूना में बूस्टिंग स्टेशन पर भेजा है ताकि पानी में क्लोरिन की मात्रा को पूरा किया जा सके। स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक भूना में अब तक 43 शिविर लगाए गए हैं।
इसमें 890 लोगों की स्क्रीनिंग हुई है। जांच के दौरान 111 मरीज बुखार, 37 पेट संबंधित बीमारियां, 26 डायरिया, 46 आंख रोग संबंधित और 167 मरीज चर्म रोग के मिले हैं। इसके अलावा 340 मरीज अलग-अलग बीमारियों जिसमें खांसी, जुकाम से ग्रस्त मिले हैं। विभाग ने 755 पैकेट ओआरएस घोल के भी बांटे हैं। स्वास्थ्य विभाग की तरफ से भूना में पानी के 86 सैंपल लिए हैं, इसमें 84 में क्लोरिन की मात्रा मिली है। इसके अलावा दो जगह पर क्लोरिन नहीं मिली है।
नहरों में डाला जा रहा सेमग्रस्त क्षेत्र का पानी
जनस्वास्थ्य विभाग के सामने एक और चुनौती खड़ी हो सकती है। सेमग्रस्त क्षेत्रों का पानी नहरों में डाला जा रहा है। नहरों का पानी जलघरों में सप्लाई होकर घरों में पानी पहुंचता है। गांव बड़ोपल, खाराखेड़ी आदि क्षेत्रों में खेतों से पानी निकासी के लिए नहरों और माइनरों में पानी डाला जा रहा है। जनस्वास्थ्य विभाग के जिला सलाहकार शर्मा चंद लाली का कहना है कि इन नहरों से जिन जलघरों में पानी सप्लाई होता है वहां पर सैंपल लिए जाएंगे।
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घग्गर में कम हुआ जलस्तर
जाखल क्षेत्र से होकर गुजरने वाली घग्गर में जलस्तर कम होने लगा है। जिससे कुछ राहत है लेकिन खतरा अभी बना हुआ है। सोमवार को जलस्तर 15400 क्यूसेक था लेकिन मंगलवार को ये घटकर 15240 क्यूसेक पर आ गया है।
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जलभराव क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग की तरफ से सर्वे जारी है। टीमें लगातार लोगों की स्क्रीनिंग कर रही है। दवाइयां विभाग की तरफ से दी जा रही है। पानी के सैंपल लेकर लोगों की जांच की जा रही है।
- डॉ. विष्णु मित्तल, जिला महामारी रोकथाम विशेषज्ञ।