भूना। क्षेत्र में पिछले कई दिनों हो रही लगातार बारिश ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। गांव दहमान के निवासी भी जलभराव की समस्या से जूझ रहे हैं। जल निकासी की कोई समुचित व्यवस्था न होने के कारण गांव के करीब 300 घरों में बारिश का पानी भर गया है।
हालात इतने खराब हो गए हैं कि 15 परिवार अपने घरों को ताला लगाकर सुरक्षित स्थानों पर पलायन कर चुके हैं। गांव दहमान के आत्माराम दहिया, पूर्व सरपंच शेर सिंह यादव, पूर्व चेयरमैन फूल कुमार दहिया, बलवंत सिंह, अजमेर सिंह, राजवीर पंच, रघुवीर सिंह, रामेश्वर दहिया राकेश कुमार, रणधीर सिंह, माया सिंह, राजेंद्र सिंह आदि ग्रामीणों का कहना है कि पानी का स्तर लगातार बढ़ता जा रहा है और घरों में घुटनों तक पानी भर चुका है।
कई जगहों पर घरों के आंगन और कमरों में भी पानी घुस गया है। इस कारण उनका दैनिक जीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं सबसे ज्यादा परेशान हैं। बिजली सप्लाई भी बाधित हो चुकी है।
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ग्रामीण खुद जुटे, उधारी मंगवाई पाइप
गांव में जलभराव की समस्या कोई नई नहीं है, लेकिन इस बार की बारिश और प्रशासन के इंतजामों ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। ग्राम पंचायत के पास फिलहाल कोई बजट नहीं है, लेकिन हालात की गंभीरता को देखते हुए सरपंच प्रतिनिधि मदनलाल यादव और ग्रामीणों ने मिलकर अपने स्तर पर राहत कार्य शुरू कर दिया है। पानी निकासी के लिए लाखों रुपये की लागत से उधारी पर पाइप मंगवाई गई हैं। ग्रामीणों ने बताया कि करीब 2 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछाकर बारिश के पानी को अपने ही खेतों में निकालने की योजना बनाई गई है। हालांकि खेतों में पहले से ही खड़ी फसलें जलभराव के कारण पूरी तरह नष्ट हो चुकी हैं। अब खेतों का उपयोग केवल पानी निकालने के लिए किया जाएगा, ताकि गांव के भीतर भरे पानी से निजात मिल सके।
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सिवानी के ग्रामीणों ने किया विरोध
गांववासियों ने शुरुआत में सिवानी माइनर में पानी डालने की कोशिश की थी, लेकिन वहां से पानी की निकासी पर सिवानी गांव के ग्रामीणों के विरोध के बाद बंद कर दिया गया। इसके बाद अब यह वैकल्पिक योजना अपनाई जा रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द स्थायी समाधान की दिशा में कदम उठाए जाएं, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने।
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सरपंच को दी विशेष प्रबंध करने की छूट
खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी ऋषभ सिंगल ने बताया कि भूना ब्लॉक के दहमान गांव में जल निकासी की समस्या बनी हुई है। इस बारे में निरीक्षण किया जा चुका है। ग्राम पंचायत के पास बजट का अभाव था, इसलिए सरपंच को जल निकासी के विशेष प्रबंध करने की छूट दी गई है। जो भी खर्च होगा वह बाद में पंचायत द्वारा वहन किया जाएगा।