फतेहाबाद। भट्टू खंड के गांव जांडवाला-बागड़ और ठुइयां में मानसून के दौरान जलभराव के कारण खरीफ फसलें नष्ट हो गईं, लेकिन किसानों का मुआवजा और बीमा अब तक जारी नहीं हुआ है। कुछ किसानों को मुआवजा मिला है, लेकिन अधिकांश अभी तक वंचित हैं। किसानों के अनुसार जांडवाला-बागड़ और ठुइयां से गुजरने वाली हिसार-घग्गर ड्रेन मानसून में ओवरफ्लो होकर टूट गई थी, जिससे खेतों में चार से पांच फीट तक जलभराव हुआ और फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गईं।
किसान मांगेराम, बलबीर और अमरपाल ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत क्रॉप कटिंग में गड़बड़ी की गई। बीमा कंपनी के कर्मचारियों ने जानबूझकर उन खेतों से नमूने लिए, जहां जलभराव नहीं था और फसल सुरक्षित थी। जांडवाला-बागड़ में जिस खेत से नमूना लिया गया, वह बाकी खेतों से लगभग 6 फीट ऊंचा था, जबकि अन्य खेतों में जलभराव चार से पांच फीट तक था।
ड्रेन टूटने से बिजाई प्रभावित
किसानों ने बताया कि टूटे हुए ड्रेन के कारण कई खेतों में गेहूं की बिजाई नहीं हो सकी। जहां बिजाई हुई, वहां फसल कम उगी और पीलापन रोग ने बढ़त प्रभावित की। उनका कहना है कि कृषि विभाग को बीमा कंपनियों से नियम अनुसार उन हिस्सों का सर्वे कराना चाहिए था, जहां फसल जलभराव से बर्बाद हुई। किसानों का आरोप है कि बीमा कंपनी ने अपनी देनदारी कम करने के लिए क्रॉप कटिंग में गड़बड़ी की। किसान सरकार से मांग कर रहे हैं कि वास्तविक नुकसान का आकलन कर मुआवजा और बीमा जल्द जारी किया जाए।
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जलभराव होने से 25 एकड़ की फसल बर्बाद हुई थी। राजस्व विभाग को दोबारा से विशेष गिरदावरी करवाकर नुकसान का सही आकलन करना चाहिए। वहीं क्रॉप कटिंग में हुई गड़बड़ी की जांच हो और किसानों को तत्काल मुआवजा व बीमा दिया जाए। - राजेंद्र, किसान।
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किसान पहले ही जलभराव से अपनी खरीफ की फसल गंवा चुके हैं। अब मुआवजा न मिलने और गेहूं की बिजाई न हो पाने से हमारे सामने परिवार पालने का संकट खड़ा हो गया है। क्रॉप कटिंग में गड़बड़ी करने वाले कर्मचारियों पर कार्यवाही होनी चाहिए। - अमरपाल, किसान।
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खेतों ड्रेन टूटने से हुए नुकसान की फिर से गिरदावरी होनी चाहिए। इसको लेकर पहले से ही गांव के पटवारी को निलंबित किया जा चुका है। सरकार को जल्द किसानों का मुआवजा जारी करना चाहिए। - बलबीर, किसान।
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मेरे खेत में ड्रेन टूटने से करीब चार फीट तक जलभराव रहा था। फिलहाल खेत में जलभराव तो नहीं है, लेकिन सेम की समस्या बनी हुई है। इससे फसल में वृद्धि नहीं हो रही है। वहीं मेरा अभी तक मुआवजा जारी नहीं हो सका है। - मांगेराम, किसान।