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Fatehabad News: जलघर सूखे, जनता प्यासी...टैंकर वालों की चांदी

Thu, 01 May 2025 11:32 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
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फतेहाबाद के मिनी बाइपास पर निर्माणधीन कॉलोनी के बाहर टैंकर से किया जा रहा पानी का छिड़कावसंवा
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संवाद न्यूज एजेंसी
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फतेहाबाद। भाखड़ा बांध से पानी की कटौती के बाद शहर और गांवों में पेयजल संकट बढ़ता जा रहा है। जिले के करीब 150 गांवों में जनस्वास्थ्य विभाग नहरी पानी की सप्लाई देता है लेकिन मौजूदा हालात ये है कि करीब 110 गांवों के जलघरों के टैंक में 5 से 20 फीसदी तक ही पानी बचा है।
हालात ये है कि पानी कम होने के कारण मोटरें उठा नहीं पा रही है और इस वजह से सप्लाई नहीं हो रही है। यही नहीं कई गांवों के जलघरों के टैंक सूख गए हैं। ऐसे में ग्रामीण इनकी सफाई करने में जुटे हैं। दूसरी तरफ टैंकरों से पानी की मांग बढ़ गई है। टैंकर संचालक पानी पहुंचाने के लिए 800 से 1000 रुपये ले रहे हैं। भट्टू क्षेत्र में डेढ़ हजार रुपये तक प्रति टैंकर लिए जा रहे हैं। दूरी बढ़ने के साथ ही पानी के टैंकर के रेट बढ़ रहे हैं।
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सिरसा मेजर नहर में पानी न छोड़े जाने के कारण शहर में भी जल संकट बढ़ सकता है। शहर फतेहाबाद के टैंक में पांच से छह दिनों का ही स्टॉक बचा है। इसके चलते जनस्वास्थ्य विभाग ने सप्लाई आधा घंटा तक कम कर दी है। बुस्टिंग स्टेशनों पर बनाए गए टैंक में पानी स्टोर नहीं हो पा रहा है। समैन में 100 रुपये में छोटा ड्रम तो 1200 में मिल रहा टैंकर : टोहाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गांवों में पीने के पानी की किल्लत लगातार बढ़ रही है। भाखड़ा नहर में कम पानी आने की वजह से जलघरों में पानी कम पहुंच रहा है। गांव समैन में नरवाना रोड पर बनी मुख्य माइनर बंद होने से पीने के पानी की समस्या गंभीर हो गई है। गांव की महिलाएं सुबह से शाम तक खेतों में लगे हैंडपंपों से पीने के पानी ढोने को मजबूर हैं।
यही कारण है कि हैंड पंपों पर महिलाओं की लंबी-लंबी लाइन लगने लगी हैं। मूर्ति देवी, राजो व विद्या देवी आदि ने बताया कि वे अपने घरों में दैनिक जरूरतों को पूरा करने के पानी के लिए 100 रुपये देकर छोटा ड्रम मंगवा रही हैं। उधर गांव में टैंकर माफिया के सक्रिय होने की बात भी सामने आई है। ग्रामीणों ने बताया कि वह पानी के एक टैंकर के लिए 400 रुपये की जगह 800 से लेकर 1200 रुपये तक का भुगतान कर रहे हैं। ग्रामीण श्यामबीर ने बताया कि कई घरों में पीने के पानी की स्थिति बेहद खराब है।
गांव ठरवा, ठरवी व दशमेश नगर में खेत की ढाणियों में पीने के पानी का संकट बरकरार है। ग्रामीण अपने घरों में पीने का पानी गांव पिरथला के पास से गुजर रही भाखड़ा नहर की फतेहाबाद ब्रांच से टैंकरों भरकर ले जा रहे हैं। दशमेश नगर के ग्रामीण सुखदा, जोनी, महिपाल व कुलदीप ने बताया कि उनके घरों में 25 मार्च से ही पीने के पानी नहीं पहुंच पा रहा है, इसलिए वह भाखड़ा नहर से टैंकरों में पानी भरकर ला रहे हैं।
सर्विस स्टेशन बंद करने के आदेश जारी : शहर में 50 से ज्यादा सर्विस स्टेशन चल रहे हैं। अधिकतर में नहरी पानी का प्रयोग हो रहा है। वीरवार को जनस्वास्थ्य विभाग के जिला सलाहकार शर्मा चंद लाली ने बताया कि पीने के पानी से जिले के ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में जितने भी गाड़ी धोने के सर्विस स्टेशन लगे हुए हैं, उनको स्वयं बंद कर दे। ताकि जिले में पीने के पानी के संकट से बचा जा सके। इसके लिए विभाग टीम बनाकर चिह्नित करेगा और उनके खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई करेगा।
डीसी ने सिंचाई विभाग से तालमेल बनाकर टैंक भरने के दिए निर्देश

जिले की नहरों में 1975 क्यूसिक पानी छोड़ा गया है। इन नहरों से करीब 80 अलग-अलग डिस्ट्रीब्यूटरी में पानी छोड़ा जाता है। मौजूदा हालात ये है कि सिंचाई विभाग जलघरों के टैंक भरने के लिए रोटेशन के मुताबिक पानी सप्लाई कर रहा है। वहीं खेतों में सिंचाई पर रोक लग चुकी है। उपायुक्त मनदीप कौर ने निर्देश दिए हैं कि गांवों में सिंचाई विभाग के साथ तालमेल बनाकर टैंक भरे जाएं।

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टैंकरों के पानी से किया जा रहा है छिड़काव

पेयजल किल्लत के चलते लोग जहां 1000 रुपये देकर टैंकर मंगवा रहे है वहीं निर्माण स्थलों पर पानी की बर्बादी भी जारी है। शहर फतेहाबाद के मिनी बाईपास पर निर्माणाधीन कॉलोनी के बाहर वीरवार सुबह टैंकरों से पानी का छिड़काव होता मिला। यहां पर सड़क किनारे टैंकर के पानी से छिड़काव किया जा रहा था।

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समैन में 100 रुपये में छोटा ड्रम तो 1200 में मिल रहा टैंकर

टोहाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गांवों में पीने के पानी की किल्लत लगातार बढ़ रही है। भाखड़ा नहर में कम पानी आने की वजह से जलघरों में पानी कम पहुंच रहा है। गांव समैन में नरवाना रोड पर बनी मुख्य माइनर बंद होने से पीने के पानी की समस्या गंभीर हो गई है। गांव की महिलाएं सुबह से शाम तक खेतों में लगे हैंडपंपों से पीने के पानी ढोने को मजबूर हैं। यही कारण है कि हैंड पंपों पर महिलाओं की लंबी-लंबी लाइन लगने लगी हैं। मूर्ति देवी, राजो व विद्या देवी आदि ने बताया कि वे अपने घरों में दैनिक जरूरतों को पूरा करने के पानी के लिए 100 रुपये देकर छोटा ड्रम मंगवा रही हैं। उधर गांव में टैंकर माफिया के सक्रिय होने की बात भी सामने आई है। ग्रामीणों ने बताया कि वह पानी के एक टैंकर के लिए 400 रुपये की जगह 800 से लेकर 1200 रुपये तक का भुगतान कर रहे हैं। ग्रामीण श्यामबीर ने बताया कि कई घरों में पीने के पानी की स्थिति बेहद खराब है। गांव ठरवा, ठरवी व दशमेश नगर में खेत की ढाणियों में पीने के पानी का संकट बरकरार है। ग्रामीण अपने घरों में पीने का पानी गांव पिरथला के पास से गुजर रही भाखड़ा नहर की फतेहाबाद ब्रांच से टैंकरों भरकर ले जा रहे हैं। दशमेश नगर के ग्रामीण सुखदा, जोनी, महिपाल व कुलदीप ने बताया कि उनके घरों में 25 मार्च से ही पीने के पानी नहीं पहुंच पा रहा है, इसलिए वह भाखड़ा नहर से टैंकरों में पानी भरकर ला रहे हैं।

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बुवाई पर भी छाया संकट

जिले में नहरबंदी के कारण किसान इस बार फसलों की बुवाई नहीं कर पा रहे हैं। इससे पिछले साल की तुलना में इस बार जिले में अब तक 40 हजार एकड़ में नरमे की फसल की बुवाई हुई है। वहीं पिछले साल जिले में अप्रैल माह के अंत तक 90 हजार एकड़ की बुवाई हो चुकी थी। वहीं कुल नरमे की बिजाई 1 लाख 13 हजार एकड़ हुई थी। इसके साथ ही मूंगफली और मूंग की बुवाई का काम 10 मई तक पूरा हो गया था।



नहर में पानी नहीं होने से खेड़ी नहर के साथ लगते गांवों में पिछले डेढ़ माह से पानी नहीं पहुंचा है। ऐसे में पेयजल की कमी से परेशान हैं। पेयजल की आपूर्ति के लिए भट्टू कलां की नहर से पानी का टैंकर मंगवा रहे हैं। इसके लिए प्रति टैंकर डेढ़ से दो हजार रुपये देने पड़ रहे हैं। प्रशासन को जल्द नहरों में पर्याप्त पानी छोड़े जाने का शेड्यूल तैयार करना चाहिए।

-सतीश बैनीवाल, निवासी, गांव चूली बागडि़यान

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पिछले 20 दिनों से जलघर के टैंक में पानी नहीं है। वहीं पानी की किल्लत के चलते खरीफ की फसलों की बुवाई का समय निकल रहा है। अगर एक सप्ताह तक सिंचाई के लिए पानी नहीं मिलता है तो नरमे की फसल की बुवाई नहीं हो सकी है। सरकार को नहरों में आवश्यकता अनुसार पानी छोड़ना चाहिए।

-ओमप्रकाश, निवासी गांव हंसगा।



गांव में सेम की समस्या होने से भूमिगत जल पेयजल और कृषि के लिए उपयोगी नहीं है। ऐसे में सबसे अधिक समस्या भट्टू क्षेत्र में है। नहर में पानी के बाद अभी तक पेयजल की आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी है। वहीं शुक्रवार से नहर में पानी कम होने से यह समस्या और भी बढ़ सकती है।

-कुबेर पाल, निवासी गांव ढिंगसरा।

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जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से पेयजल की आपूर्ति की मांग के अनुसार पानी चलाया जा रहा है। जलघरों के टैंक भरने के बाद नहर को बंद करके दूसरी नहर में पानी दिया जा रहा है। ताकि सभी गांवों के जल घरों तक बराबर पानी पहुंच सके। वहीं नहर बंद होने को लेकर अभी कोई जानकारी प्राप्त नहीं है।
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-नरेश कुमार भोला, कार्यकारी अभियंता सिंचाई विभाग, फतेहाबाद।

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पेयजल किल्लत से निपटने के लिए प्रयास जारी है। सिंचाई विभाग के साथ तालमेल से जलघरों के टैंक को भरने का प्रयास जारी है। मुख्यालय के उच्च अधिकारियों के साथ बैठक जारी है, जो निर्देश आएंगे, उसके अनुसार रणनीति बनाई जाएगी।

- कर्णबीर सिंह, कार्यकारी अभियंता
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