जाखल क्षेत्र से होकर गुजर रही घग्गर नदी में बहता पानी। संवाद
फतेहाबाद। घग्गर नदी के जलस्तर में उतार चढ़ाव लोगों की धड़कनें बढ़ा रहा है। हिमाचल की पहाड़ियों के साथ साथ नदी के तट क्षेत्रों पर वर्षा होने का असर फिर घग्गर नदी में देखने को मिला है। नदी के जलस्तर में पीछे से तेज़ी से वृद्धि होती दर्ज की गई है। इससे जाखल क्षेत्र से गुजरती घग्गर नदी में भी पानी का स्तर बढ़ रहा है। रविवार सुबह तक चांदपुरा साइफन पर 4150 क्यूसेक पानी बह रहा था जो शाम को बढ़कर 10 हजार 500 क्यूसेक तक पहुंच गया है। गुहला चीका हेड पर लगातार बढ़ रहा पानी चिंता का सबब बना है।
शनिवार सुबह तक गुहला चीका हेड पर 19558 क्यूसेक पानी मापा गया था जबकि उसके बाद यहां लगातार बढ़ रहें पानी से रविवार शाम को यहां जलस्तर 42342 क्यूसेक दर्ज किया गया है। खनौरी हेड पर भी जल बहाव बढ़ता आंका गया है। सिंचाई विभाग के अधिकारियों का दावा है कि चांदपुरा साइफन पर स्थिति नियंत्रण में है। उनका कहना है कि चांदपुरा साइफन पर नदी की जल क्षमता 22 हजार क्यूसेक है, वहीं यहां नदी में जलस्तर अधिक बढ़ने पर पानी रंगोई नाले में निकास होता है। रंगोई नाला भी करीब 6 हजार क्यूसेक पानी समेट लेता है। रविवार शाम को चांदपुरा साइफन पर जलस्तर 10 हजार 500 क्यूसेक मापा गया है। रंगोई नाला में अभी करीब 700 क्यूसेक पानी चल रहा है। ऐसे में अभी खतरे की कोई बात नहीं है। इसी बीच मौसम विभाग की ओर से अब आगामी दिनों में तेज बारिश की चेतावनी जारी की गईं है। यदि नदी के तट क्षेत्रों पर तेज बारिश हुईं तो यह क्षेत्रवासियों की चिंता बढ़ा सकती है।
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यदि आने वाले दिनों में जाखल क्षेत्र से गुजरती घग्गर नदी में जलस्तर बढ़ता भी है तो उससे निपटने के लिए भी विभाग पूरी तरह से तैयार है। उनका कहना है कि नदी के जलस्तर पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। बाढ़ जैसी स्थिति से निपटने के लिए विभाग द्वारा पुख्ता व्यवस्था की गईं है।
-संजीव सिंगला, एसडीओ, सिंचाई विभाग