समैन। टोहाना खंड के गांव भीमेवाला व चितैन में बारिश के पानी से हुए जलभराव से धान, नरमा व बाजरे की 800 एकड़ से अधिक की फसल बर्बाद हो गई। जलभराव से जिन किसानों की फसलें खराब हो चुकी है, वह गेहूं की फसल की बिजाई के लिए खेतों में से पानी निकासी के प्रयास में जुटे हुए हैं।
गांव भीमेवाला में किसानों को सिंचाई विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों का पूरा सहयोग मिल रहा है, जबकि गांव चितैन में किसानों को प्रशासन की तरफ से अभी तक कोई मदद नहीं मिली है। किसान अपने स्तर पर ही खेतों में से पानी की निकासी के प्रयास में जुटे हैं। गांव भीमेवाला के किसान बलवान सिंह, रामफल, अमित, मियां सिंह, महा सिंह, वेदप्रकाश, संदीप सोनू, शमशेर सिंह, रामकुमार, राजेंद्र ने बताया कि बारिश के कारण हुआ जलभराव से धान, नरमा व बाजरे की करीब 400 एकड़ फसल पूरी तरह से चौपट हो चुकी है।
वहीं गांव चितैन के किसान बलजीत सिंह, सोनू, सुरेंद्र, फूल सिंह, बसाउ राम, रमेश का कहना है कि 400 एकड़ फसल खराब हुई है। ग्रामीणों ने बताया कि उनके खेतों में अभी तक करीब 3 फीट तक पानी भरा हुआ है। इस पानी को निकालने के लिए वह अपने स्तर पर प्रयास कर रहे हैं। दोनों ही गांवों में नरमा व बाजरे की फसलों का रकबा ज्यादा है।
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सेम से कम नहीं हो रहा है जलभराव
गांव भीमेवाला में सेम की समस्या होने के कारण खेतों में जमा पानी कम नहीं हुआ है। फिलहाल खेतों में अभी भी 3 फीट से ज्यादा पानी भरा हुआ है। जलभराव से नरमा की फसल सूख चुकी है। सिंचाई विभाग के अधिकारी पानी निकालने के प्रयास में लगे हैं।
गेहूं बिजाई की सताने लगी चिंता
गांव भीमेवाला व चितैन में बारिश के जलभराव से फसलें खराब होने के बाद किसानों को अब अगली फसल की बिजाई की चिंता सताने लगी है। किसानों का कहना है कि उनकी यह फसल तो पूरी तरह से खराब हो चुकी है। ऐसे में रबी सीजन में गेहूं की फसल की बिजाई के लिए खेतों में से पानी निकालने की जुगत में जुटे हैं।
भीमेवाला के खेतों में से पानी की निकासी के लिए बिछाई गई नई पाइपलाइन से पानी निकालने का काम शुरू हो चुका है। इस पानी को गांव गाजूवाला के पास भाखड़ा नहर की फतेहाबाद ब्रांच में डाला जा रहा है। पानी की निकासी के लिए वर्टिकल टर्बाइन (वीटी पंप) मंगवाया गया है। इस पंप की क्षमता पांच क्यूसिक प्रति सेकेंड है। सिंचाई विभाग की तरफ से 20 से अधिक कर्मचारी इस पंप को चालू करने के प्रयास में जुटे हैं।
-राजीव, जेई सिंचाई विभाग, टोहाना।
गांव भीमेवाला में जलभराव से खराब हुई नरमे की फसल। संवाद