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Fatehabad News: वेयर हाउस कॉरपोरेशन के डीएम और डीएफएससी पर भ्रष्टाचार का आरोप

Wed, 06 Nov 2024 02:41 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
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फतेहाबाद के धान मिल संचालक हनी बंसल।
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टोहाना। उद्यमी हनी बंसल ने धान मिल की क्षमता बढ़ाने के नाम पर हरियाणा वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के जिला प्रबंधक पर एक लाख रुपये मांगने का आरोप लगाया है। उन्होंने जिला खाद्य एवं पूर्ति नियंत्रक (डीएफएससी) पर भी मिलीभगत का आरोप लगाया। हनी ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से आरोप की जांच करवाकर भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने वाले इन अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है। हालांकि, जिला प्रबंधक डीके पांडे ने आरोप को बेबुनियाद बता इसे छवि खराब करने की कोशिश बताया है।
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करीब 20 दिन पहले तत्कालीन डीएम सुमित कुमार को निलंबित कर दिया गया था। उनके स्थान पर डीके पांडे को नए डीएम लगाया गया था। एचबी मिल के संचालक हनी का आरोप है कि किसानों और मिलर को परेशान करने के लिए रुपयों की मांग की गई है। किसानों को समय पर फसल बेचनी होती है लेकिन अधिकारी किसानों और मिलर को परेशान कर रहे हैं।
हनी ने कहा कि उन्होंने मिल क्षमता बढ़ाने के लिए दो नवंबर को आवेदन किया था, लेकिन आवेदन स्वीकार संबंधी कार्यवाही नहीं की गई जबकि दूसरे मिल संचालक ने एक लाख रुपये दिए तो उसकी मिल की क्षमता बढ़ाकर पांच हजार मीट्रिक टन कर दी गई है जबकि उनकी मिल उससे बड़ी होने के बावजूद मात्र 4,500 मीट्रिक टन क्षमता रखी गई है। क्षमता बढ़ाने के लिए उनसे रुपये मांगे गए हैं। रुपये न देने पर जब डीएम ने समस्या नहीं सुलझाई तो उन्होंने डीएफएससी विनीत जैन को बताया।
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क्षमता बढ़ाने के लिए डीएफएससी को 20 फोन किए गए। इसके बावजूद डीएफएससी और डीएम की मिलीभगत से उनका आवेदन लंबित है जबकि उन्हें मिल चलाने का 20 साल का अनुभव है। उनके साथ पहली बार ऐसा हो रहा है। उन्होंने कहा कि भ्रष्ट अधिकारी सरकार को बदनाम कर रहे हैं।

यूनियन कर्मचारियों के जरिये मांगे रुपये
हनी बंसल ने आरोप लगाए कि यूनियन के सदस्य कर्मचारियों के जरिये रुपये मांगे गए हैं। कई और जगह से भी फोन करवाए गए। ऐसा न करने पर आर्थिक और मानसिक रूप से परेशान किया जा रहा है। मिल संचालक दो साल से नुकसान झेल रहे हैं। इस बार भी अधिकारियों ने हालात नहीं सुधारे हैं। बंसल ने डीएफएससी और डीएम की संपत्ति की भी जांच करवाने की मांग की है।


डीएम डीके पांडे ने बताया कि एचबी राइस मिल की क्षमता बढ़ा दी गई है। इसके लिए पत्र भी जारी कर दिया गया है। यहां के स्थानीय अधिकारी से संवादहीनता के कारण गलतफहमी हुई है। जिस कर्मचारी की गलती होगी, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
मैं इन मिल संचालक को जानता भी नहीं हूं। ऐसा क्यों किया जा रहा है, इसकी भी जानकारी नहीं है। मेरी ओर से कोई रोक नहीं लगी है। धान खरीद नीति के अनुसार जिसको जितना धान जाना है, उतना भेजने के लिए प्रबंधन को निर्देश दिए गए हैं। मैं स्वयं मिलर्स के हितों के लिए हरसंभव प्रयास करता हूं। मैंने मिलर्स का भुगतान रुकने के कारण कर्मचारियों का भी स्थानांतरण कर दिया। हर समस्या के समाधान के लिए लोगों को बुलाकर निर्देश देता हूं। - डीके पांडे, जिला प्रबंधक, हरियाणा वेयर हाउसिंग काॅरपोरेशन, फतेहाबाद।

वहां वेयर हाउस और हैफेड ही तीन साल से धान खरीद रहे हैं। वहां हमारा कोई काम ही नहीं है। मुझ पर लगाए गए आरोप बेबुनियाद और निराधार हैं। - विनीत जैन, डीएफएससी, फतेहाबाद।
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