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Fatehabad News: टेंडर की अनुमति का इंतजार, रतिया में पांच माह से ठप पड़ी सफाई व्यवस्था

Sun, 09 Nov 2025 11:31 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
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अप्रूवल ना मिलने के  कारण खड़े हुए डोर टू डोर कूड़ा उठाने के वाहन : संवाद
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रतिया। शहर में अप्रैल माह से अब तक डोर-टू-डोर कचरा उठाने की नई व्यवस्था शुरू नहीं हो पाई है। नगर पालिका का ठेका पांच माह से निकाय मंत्रालय की मंजूरी का इंतजार कर रहा है, जिसके कारण शहर में सफाई व्यवस्था चरमरा गई है। ठेका न होने से कचरा उठान अनियमित है, और कई वार्डों में लोग घर का कूड़ा स्वयं दूर स्थित डंपिंग प्वाइंट तक ले जाने को मजबूर हैं।
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नगर पालिका का पिछला डोर-टू-डोर कचरा उठाने का ठेका 31 मार्च को समाप्त हो गया था। इसके बाद नगर पालिका ने नया टेंडर जारी किया, लेकिन इसी बीच प्रदेश सरकार ने नियमों में बदलाव करते हुए सात वर्ष का ठेका लगाने के निर्देश दिए। इस आधार पर नगर पालिका ने करीब 13 करोड़ रुपये का टेंडर तैयार किया। बाद में सरकार ने फिर संशोधन करते हुए निर्देश दिया कि ठेका अब पांच वर्ष का किया जाए। इसके चलते मई माह में नगर पालिका ने सात करोड़ 80 लाख रुपये का नया टेंडर जारी कर फाइल निकाय मंत्रालय को भेजी। लेकिन यह फाइल अभी तक मंजूरी के इंतजार में मंत्रालय में लंबित है।

जानकारी के अनुसार, नियमों के तहत 2.5 करोड़ रुपये तक के टेंडर की मंजूरी नगर आयुक्त देते हैं, 5 करोड़ तक के टेंडर डायरेक्टर, 10 करोड़ तक निकाय मंत्रालय और 10 करोड़ से अधिक राशि के टेंडर मुख्यमंत्री से स्वीकृत होते हैं। रतिया का टेंडर सात करोड़ 80 लाख रुपये का होने के कारण निकाय मंत्रालय के पास भेजा गया। बताया गया है कि पहले फाइल में तकनीकी कमियों के कारण विलंब हुआ और अब निकाय मंत्री के बिहार चुनाव में ड्यूटी पर होने से मंजूरी प्रक्रिया अटकी हुई है।
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इस बीच, फतेहाबाद और टोहाना नगर परिषदों के टेंडर मुख्यमंत्री द्वारा और भूना व जाखल नगर पालिकाओं के टेंडर निकाय निदेशक द्वारा स्वीकृत किए जा चुके हैं। केवल रतिया का प्रस्ताव अब भी मंत्रालय में लंबित है।





-छह वाहनों के सहारे चल रही सफाई व्यवस्था

अप्रूवल में देरी के चलते नगर पालिका ने अपनी ओर से अस्थायी तौर पर 17 वार्डों में केवल छह वाहनों की व्यवस्था की है। ये वाहन डोर-टू-डोर कचरा उठाने का कार्य कर रहे हैं, लेकिन उनकी संख्या कम होने से हर वार्ड में वाहन दो से तीन दिन बाद ही पहुंच पाते हैं। इससे घरों के बाहर कचरा जमा रहता है और दुर्गंध फैलने लगी है। वार्ड एक के निवासी राजकुमार ने बताया कि कचरा गाड़ियां समय पर नहीं आतीं, जिसके चलते लोगों को कचरा खुद डंपिंग प्वाइंट तक ले जाना पड़ता है। इससे न केवल असुविधा होती है, बल्कि स्वच्छता व्यवस्था पर भी बुरा असर पड़ रहा है।

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अप्रूवल के बाद मिलेगी राहत



नगर पालिका अधिकारियों के अनुसार, सात करोड़ 80 लाख रुपये के टेंडर को मंजूरी मिलते ही शहर में डोर-टू-डोर कचरा उठान के लिए 20 वाहन और 35 कर्मचारी तैनात किए जाएंगे। इसके साथ ही अतिरिक्त कर्मचारी और वाहन भी रखे जाएंगे ताकि हर वार्ड से नियमित रूप से कचरा उठान हो सके। अधिकारियों का कहना है कि प्रस्तावित योजना लागू होते ही शहर की सफाई व्यवस्था में सुधार आएगा और लोगों को कचरा डंपिंग प्वाइंट तक ले जाने की परेशानी से छुटकारा मिलेगा।

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नगर पालिका की ओर से टेंडर लगाकर फाइल अप्रूवल के लिए भेजी गई है। अगले सप्ताह फाइल के अप्रूव होकर आने की संभावना है। इसके बाद शहर में डोर टू डोर कूड़ा उठाने की समस्या पूरी तरह हल हो जाएगी।
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-ओंकार सिंह, सफाई निरीक्षक

अप्रूवल ना मिलने के  कारण खड़े हुए डोर टू डोर कूड़ा उठाने के वाहन : संवाद

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