राजेश मेहूवाला
फतेहाबाद। जिले में तापमान बढ़ने के साथ ही चुनावी सरगर्मियां भी जोरों पर हैं। सात हजार से अधिक आबादी और पांच हजार मतदाताओं वाले गांव मेहूवाला में भी चौक-चौराहों पर सिर्फ लोकसभा चुनाव की ही चर्चा हो रही है। गांव के मतदाताओं का मानना है कि भाजपा प्रत्याशी अशोक तंवर और इंडिया गठबंधन प्रत्याशी कुमारी सैलजा के बीच ही मुख्य टक्कर रहेगी। मतदाताओं में कोई सत्ता विरोधी स्वर सुना रहा है, तो कोई राष्ट्रीय मुद्दों पर किए गए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यों से संतुष्ट भी है।
चुनावी माहौल दिनों-दिन जोर पकड़ रहा है। प्रत्याशियों के भी तूफानी दौरे गांव-गांव में हो रहे हैं। वहीं, मतदाता भी अब रणनीति बनाने लगे हैं। गांव मेहूवाला स्थित मेन चौक की बैठक में ग्रामीण सतबीर, रामस्वरुप, प्रताप, जगदीश, पृथ्वी और सतपाल शर्मा ने बताया कि जैसा माहौल इस बार बन रहा है, वैसा गांव में पहले कभी नहीं बना है। वे सिर्फ दो ही पार्टियों के प्रत्याशियों में कड़ा मुकाबला मान रहे हैं। उनके अनुसार कुमारी सैलजा के परिवार का इस क्षेत्र से पुराना नाता होने के कारण मतदाताओं का उनकी तरफ रुझान है। वहीं, काफी मतदाता राम मंदिर, कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटाने जैसे मुद्दों पर भाजपा का समर्थन कर रहे हैं। जजपा और इनेलो काे तो मतदाता मुकाबले से ही बाहर मान रहे हैं।
तंवर गांव में आ चुके, अब सैलजा के दौरे का इंतजार
इन ग्रामीणों ने बताया कि भाजपा प्रत्याशी अशोक तंवर सोमवार को गांव का दौरा कर चुके हैं। अब इंडिया गठबंधन प्रत्याशी कुमारी सैलजा के दौरे का इंतजार है। दोनों प्रत्याशियों के भाषणों और भविष्य के दावों के आधार पर मतदाता उनमें से किसी एक को चुनने का मन बनाएंगे। सत्ता विरोधी सुर वाले मतदाताओं का कहना है कि पिछले चुनाव के दौरान कुछ वादे किए गए थे, जो अभी तक पूरे नहीं हुए हैं। गांव में जलघर की सीमेंटेड पाइप लाइन बिछाने का वादा किया गया था, जो अभी पूरा नहीं हो सका है। स्कूल 12वीं तक अपग्रेड करवाने की मांग भी अब पूरी हुई है।
सिरसा से फतेहाबाद जिले में प्रवेश करने पर पहला रेलवे ठहराव मेहूवाला में
गांव मेहूवाला की विशेषता यह है कि रेवाड़ी-बठिंडा-गंगानगर रेल लाइन पर सिरसा जिले से फतेहाबाद जिले में प्रवेश करने पर रेलवे का पहला ठहराव इसी गांव में है। यहां अंग्रेजों के जमाने के समय से रेलवे लाइनें बिछाई गई हैं। बाद में गांव में साल 1983 में रेलवे हॉल्ट भी बनाया गया। इस कारण गांव के लोगों को रेलवे की सुविधा आसानी से मिल रही है।
इस बार चुनाव में ऐसे मतदाता का चुनाव करेंगे, जो धर्म और जाति की राजनीति नहीं करके देश का विकास करे। आज ऐसे सांसद की जरूरत है, जो किसानों और युवाओं के हक की बात करें। फतेहाबाद जिला पिछड़े जिलों की सूची में शामिल है, जिसका मुख्य कारण जिले में अच्छे नेताओं की कमी है। -ओमप्रकाश बैनीवाल, पूर्व सरपंच, गांव मेहूवाला
गांव में लगभग 70 प्रतिशत मतदान होता है। गांव मेहूवाला में अभी तक कभी भी चुनावों को लेकर कोई झगड़ा नहीं हुआ है। देश अब विकास की ओर अग्रसर हो रहा है। राष्ट्रीय स्तर के कई गंभीर मुद्दों का हल भी निकला है। 25 मई को होने वाले लोकतंत्र के सबसे बड़े उत्सव को लेकर ग्रामीण उत्साहित हैं। -अश्वनी, भूतपूर्व सैनिक, गांव मेहूवाला
हरियाणा में बेरोजगारी बढ़ रही है। क्षेत्र को ऐसे सांसद की जरूरत है, जो बेरोजगारी को खत्म करने के लिए प्रयास करें। फतेहाबाद जिला मुख्यालय पर ऐसी इंडस्ट्री स्थापित होनी चाहिए, जहां हजारों की संख्या में रोजगार उपलब्ध हो सके। सरकार ऐसी होनी चाहिए, जिसमें संवैधानिक तरीके से सभी को अपनी बात रखने का मौका मिलें। -सुनील कुमार, निवासी, गांव मेहूवाला।
गांव मेहूवाला में इस बार जबरदस्त राजनीतिक माहौल बना हुआ है। मुख्य दो ही प्रत्याशियों में मुकाबला नजर आ रहा है। अभी मतदान करने काे लेकर ग्रामीण मूड बना रहे हैं। एक प्रत्याशी का दौरा हो चुका है, दूसरे का इंतजार है। उसके बाद स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। -सतपाल शर्मा, पूर्व जिला पार्षद, मेहूवाला