फतेहाबाद। मंगलवार दोपहर को गांव भिरड़ाना के सरपंच प्रतिनिधि की स्कॉर्पियो का चालान करने को लेकर हंगामा हो गया। सरपंच प्रतिनिधि ने पुलिस कर्मचारियों को कानून का पाठ पढ़ाया तो बहस शुरू हो गई।
आरोप है कि इस बहस होने के बाद वहां पर मौजूद पुलिस कर्मचारियों ने सरपंच प्रतिनिधि, पंच व मनरेगा मेट को हुडा चौकी में लाया गया और उनके साथ मारपीट की। मामला इतना बढ़ा गया कि शहर के आसपास के गांवों के सरपंच व सरपंच प्रतिनिधि हुडा चौकी में इकट्ठा हो गए। घटना की सूचना मिलते ही डीएसपी जयपाल सिंह व शहर थाना प्रभारी ओमप्रकाश मौके पर पहुंचे और मामले को शांत करवाया। लेकिन सरपंच प्रतिनिधि के साथ हुई मारपीट को लेकर ग्रामीण व सरपंच काफी गुस्से में नजर आए व पुलिस कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर अड़े रहे।
इस दौरान हुडा चौकी प्रभारी डीएसपी के सामने ही मारपीट के आरोपों को नकारते रहे। जानकारी के अनुसार गांव भिरड़ाना के सरपंच प्रतिनिधि जसविंद्र उर्फ जस्सी अपनी गाड़ी में सवार होकर फतेहाबाद आ रहे थे। इसी दौरान उसके साथ पंच राजेंद्र व एक मनरेगा मेट लवप्रीत भी था। पुलिस ने भूना रोड के पास नाकेबंदी कर वाहनों के चालान कर रही थी। इसी दौरान सरपंच की गाड़ी रुकवा ली। सरपंच प्रतिनिधि ने सीट बेल्ट नहीं लगा रखी थी। ऐसे में पुलिस ने चालान काट दिया।
इस दौरान पुलिस कर्मचारी व सरपंच प्रतिनिधि के बीच बहस हो गई। सरपंच प्रतिनिधि जसविंद्र उर्फ जस्सी का आरोप इसी दौरान वहां पर मौजूद पुलिस कर्मचारियों ने सभी के साथ धक्का मुक्की शुरू कर दी। जिसके बाद सभी को हुडा चौकी में लाया गया। वहां पर उनके साथ मारपीट की। गाड़ी में सवार पंच व मनरेगा मेट के साथ भी पिटाई की गई। आरोप है कि पुलिस ने सरपंच प्रतिनिधि को हिरासत में लेकर हुडा चौकी में लेकर आ गए। मामले की सूचना आसपास के सरपंचों को मिली तो चाैकी का घेराव कर दिया। वहीं घटना के बाद डीएसपी जयपाल सिंह मौके पर पहुंच गए। लेकिन सरपंच नहीं माने।
पानी मांगा तो बोले, इसे पानी नहीं पेशाब पिलाओ
- सरपंच प्रतिनिधि जसविंद्र जस्सी ने आरोप लगाया कि जब पुलिसकर्मी उसके साथ मारपीट कर रहे तो उन्होंने पुलिसकर्मी से पीने के लिए पानी मांगा, लेकिन किसी ने भी उसे पानी नहीं दिया। वहीं एक पुलिसकर्मी ने कहा कि इसे पीने के लिए पानी नहीं देना, इसे पेशाब दो पीने के लिए।
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घायल को अग्रोहा किया गया रेफर
- घायल सरपंच प्रतिनिधि के साथ मारपीट करने के बाद फतेहाबाद के नागरिक अस्पताल में भर्ती करवाया गया। इस दौरान अस्पताल में काफी पुलिस बल तैनात रहा। वहीं घायल सरपंच प्रतिनिधि को अग्रोहा मेडिकल रेफर किया गया।
कार्रवाई नहीं तो मुख्यमंत्री से मिलने की कही बात
- पुलिस चौकी में इकट्ठा हुए सरपंचों ने कहा कि यह सरपंच प्रतिनिधि के साथ मारपीट नहीं हुई है। पूरे गांव के साथ मारपीट हुई। अगर जिन पुलिसकर्मियों ने सरपंच के साथ मारपीट की है, उन पर कार्रवाई नहीं होती तो वे पूरे जिले के सरपंचों को साथ लेकर मुख्यमंत्री से भी मुलाकात करेंगे।
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प्रतिनिधि बोले, अगर सुसाइड किया तो उसके जिम्मेदार तुम सब
सरपंच प्रतिनिधि के साथ हुई मारपीट के बाद जब इलाज के लिए अस्पताल जा रहे थे तो उनको रोकने के लिए हुडा चौकी इंचार्ज गुरपाल सिंह आए, इस दौरान सरपंच प्रतिनिधि ने कहा कि तुम सबने मेरी बहुत बेइज्जती की है। अगर मैंने सुसाइड कर लिया तो इसके जिम्मेदार तुम सब होगे।
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डीएसपी को दिखाए चोट के निशान तो डीएसपी बोले मेरे को लिख के दो
- सरपंच प्रतिनिधि के साथ हुई मारपीट की सूचना के बाद डीएसपी जयपाल हुडा चौकी पहुंचे और मामले को सुलझाना चाहा। इस दौरान चौकी में पहुंचे सरपंचों ने डीएसपी से मारपीट को लेकर सवाल किए तो डीएसपी ने चौकी प्रभारी से मारपीट को लेकर जवाब मांगा चौकी प्रभारी बोले कोई मारपीट नहीं हुई। जिसके बाद सरपंच प्रतिनिधि को अंदर बुलाया गया और डीएसपी ने जब खुद चोट के निशान देखे तो डीएसपी ने एक सफेद कागज निकाला और बोले आप कार्रवाई के लिए लिख के दो। जिसके बाद सरपंच प्रतिनिधि अपने साथियों के साथ बाहर आ गए।
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पुलिसकर्मियों की ओर से बनाया गया वीडियो हो रहा वायरल
सरपंच प्रतिनिधि के साथ मारपीट के मामले में नाकेबंदी लगाकर जांच कर रहे पुलिसकर्मियों की ओर से इस दौरान एक वीडियो बनाया गया था जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। जिसमें महिला पुलिसकर्मी बोल रही है कि आप हमें हमारा काम मत बताओ। वहीं पुलिसकर्मी व सरपंच प्रतिनिधि दोनों बहस करते नजर आ रहे हैं। वहीं इस दौरान सरपंच प्रतिनिधि दूसरे वाहनों का चालान करने की बात उनको बोल रहे हैं।
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ये बोले पुलिस अधिकारी
इस मामले में हुडा चौकी इंचार्ज गुरपाल सिंह ने कहा कि सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंच गया था। मारपीट के आरोप गलत है। ऐसी कोई बात नहीं हुई है। शहर थाना प्रभारी ओमप्रकाश का कहना है कि चालान को लेकर बहस हुई है। मारपीट किसी के साथ नहीं हुई है। मामले को लेकर फिर भी जांच की जा रही है।
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सरपंच या उसके प्रतिनिधि के साथ मारपीट करना गलत है। अगर प्रतिनिधि की ओर से पुलिसकर्मी के साथ किसी प्रकार की बदसलूकी की गई है तो पुलिस को उचित कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए। जिन पुलिसकर्मियों की ओर से मारपीट या गलत भाषा का प्रयोग किया उन पर कार्रवाई नहीं होती है तो मुख्यमंत्री से मुलाकात की जाएगी।
- मोहन गढ़वाल, प्रधान सरपंच एसोसिएशन, ब्लॉक फतेहाबाद।