भूना। मवेशियों में लंपी स्किन डिजीज या गांठदार त्वचा रोग की रोकथाम के लिए पशुपालन विभाग की टीम सक्रिय हो गई है। टीकाकरण कार्यक्रम की शुरुआत करके मवेशियों में बीमारी आने से पहले ही काबू पाने की तैयारी चल रही है। मंगलवार को पशु चिकित्सालय जांडली खुर्द के पशु चिकित्सक मनेंद्र श्योराण के नेतृत्व में वीएलडीए राकेश वर्मा व सहयोगी अमित कुमार ने श्रीकृष्ण गोशाला नाढोड़ी में चार महीने से अधिक उम्र की गाय और बछड़ों का टीकाकरण किया।
डाॅ. मनेंद्र श्योराण ने बताया कि एलएसडी मवेशियों की एक बीमारी है। इस बीमारी में मवेशियों में बुखार, त्वचा, श्लेष्मा झिल्ली और अंदरूनी अंगों पर गांठें, बढ़े हुए लिम्फ नोड्स और त्वचा की सूजन जैसे लक्षण नजर आ सकते हैं। वायरस के जेनेटिक मेकअप को समझने में वैज्ञानिकों ने बड़ी सफलता हासिल की है। मई 2022 से अब तक इस बीमारी की वजह से काफी मवेशियों की मौत हो चुकी है। मगर अब बीमारी की रोकथाम को लेकर विशेष कदम उठा लिए गए हैं और इसलिए मवेशियों का बीमारी से पूर्व ही टीकाकरण किया जा रहा है। जो पूरी तरह से सुरक्षित होने के साथ-साथ पशुओं को वायरस से भी बचाएगा। इस मौके पर श्रीकृष्ण गोशाला कमेटी प्रधान फकीरचंद गोदारा, दलबीर सिंह, मैनेजर फकीरचंद गोदारा, पृथ्वी सिंह धारनिया, लालचंद आदि मौजूद थे।
प्रथम चरण में गाय व गोवंश का होगा टीकाकरण
पशु चिकित्सक डॉ. मनेंद्र श्योराण ने बताया कि पशुपालन विभाग की ओर से प्रथम चरण में गाय व गोवंश के लिए लंपी स्किन बीमारी के वायरस की रोकथाम को लेकर टीकाकरण किया जाएगा। चार महीने से अधिक आयु के मवेशियों को टीका लगेगा। इसमें गोशालाओं के साथ-साथ घरेलू गोवंश को भी बीमारी से बचाने के लिए घर- घर जाकर टीके लगाए जाएंगे। दूसरे चरण में भैंस, भेड़, बकरियों का टीकाकरण होगा।