फतेहाबाद। शहर में कुत्तों को पकड़कर उनके बाध्यीकरण और टीकाकरण का प्रस्ताव इस बार सिरे चढ़ सकता है। नगर परिषद प्रशासन ने तीसरी बार टेंडर लगाया था। इस बार दो एजेंसियां आई है जो कि कुत्तों को पकड़कर उनके बाध्यीकरण और टीकाकरण करने को तैयार है।
आवेदन करने वाली में एजेंसी में भिवानी और जींद की टीम शामिल है। भिवानी की एजेंसी ने 982 रुपये प्रति कुत्ता और जींद की एजेंसी ने 1600 रुपये प्रति कुत्ता रेट मांगा है। नगर परिषद प्रशासन जिस एजेंसी का रेट कम है उसे प्रक्रिया पूरी होने के बाद ठेका दे सकता है। हालांकि प्रशासन अभी एजेंसी से और भी रेट कम करवाएगा।
ऐसे में उम्मीद जताई जा रही है कि अप्रैल माह से शहर फतेहाबाद में कुत्तों को पकड़कर बाध्यीकरण और टीकाकरण शुरू हो जाएगा। शहर में करीब डेढ़ हजार कुत्ते है जिन्हें पकड़कर बाध्यीकरण किया जाना है। ये प्रोजेक्ट करीब डेढ़ साल पुराना है।
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इन मुख्य शर्तों का एजेंसी को करना होगा पालन
- एजेंसी के कर्मचारियों को पकड़ने का अनुभव होना चाहिए।
- एजेंसी खुद वेटरनरी डॉक्टर का प्रबंध करेगी।
- कुत्तों को पकड़ते समय निर्दयता नहीं बरतनी है। सरकार द्वारा और एनिमल बोर्ड ऑफ इंडिया के शर्तों का पालन करना होगा।
- ठेकेदार द्वारा जिस क्षेत्र से नर व मादा कुत्ते को पकड़ा जाएगा, उसका रिकॉर्ड रजिस्टर में रखना होगा और ऑपरेशन के बाद कुत्तों को वापस छोड़ना होगा।
- एजेंसी के बिल की अदायगी के डॉक्टर व गठित की गई कमेटी के सत्यापन के बाद ही भुगतान होगा।
- कुत्तों के नसबंदी के कार्य दौरान दाहिने कान पर एवी मार्क का निशान लगाना होगा।
- 6 माह से कम उम्र के कुत्तों को नहीं पकड़ा जाएगा और उनकी नसबंदी भी नहीं की जाएगी।
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रोजाना 15 से 20 लोग हो रहे हैं कुत्तों के काटने के शिकार
नागरिक अस्पताल में रोजाना 15 से 20 लोग एंटी रैबीज वैक्सीन लगवाने के लिए आ रहे हैं। गर्मियों में रैबीज इंजेक्शन लगवाने वालों की संख्या दोगुनी हो जाती है। नागरिक अस्पताल फतेहाबाद में इसी साल जनवरी माह में 551 और फरवरी माह में 542 मरीजों ने एंटी रैबीज वैक्सीन लगवाई है।
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शहर में कुत्तों को पकड़कर उनके बाध्यीकरण और टीकाकरण को लेकर दो एजेंसी आई है। प्रक्रिया अभी चल रही है उम्मीद है ये प्रस्ताव जल्द सिरे चढ़ जाएगा। कुत्तों के काटने की रोजाना कोई न कोई शिकायत आ रही है।
- राजेंद्र सोनी, ईओ, नगर परिषद, फतेहाबाद।