फतेहाबाद। शहर में 18 दिनों से चरमराई सफाई व्यवस्था और जगह-जगह जमा गंदगी से खफा जागो संस्था ने मोर्चा खोल दिया है। संस्था ने मुख्यमंत्री के पूर्व ओएसडी अभिमन्यु यादव को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर सफाई व्यवस्था तुरंत बहाल करने की मांग की।
शहर के एक होटल में आयोजित कार्यक्रम में संस्था पदाधिकारियों ने ज्ञापन सौंपा। उन्होंने कहा कि लगातार जमा कचरे से पूरे शहर में बीमारी फैलने का खतरा बढ़ रहा है। प्रशासन को बिना देरी सफाई व्यवस्था सुचारू करनी चाहिए।
ज्ञापन में कहा गया कि स्वच्छ भारत का सपना तभी पूरा होगा जब सफाई कर्मचारियों को उनका पूरा हक मिलेगा। संस्था के अनुसार कर्मचारियों के वेतन में भारी कटौती हो रही है। कागजों में 14 हजार रुपये वेतन है। कटौती के बाद उन्हें करीब नौ हजार रुपये मासिक मिल रहे हैं।
संस्था ने कहा कि सरकार ने सामान्य मजदूरों की दिहाड़ी 580 रुपये तय की है। ऐसे में सफाई कर्मचारियों की जायज मांगों का जल्द समाधान होना चाहिए। दूसरे जिलों की तर्ज पर फतेहाबाद में भी सफाई व्यवस्था बहाल की जाए।
इस अवसर पर जागो संस्था प्रधान देवेंद्र दहिया, जिंदगी संस्था प्रधान हरदीप सिंह, भवानी सिंह, मानव सुथार, सुरेंद्र असीजा, सेवा सिंह मुवाल, प्रमोद बजाज और डिंपल चौधरी मौजूद रहे।
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सार्वजनिक हो वार्ड वार कर्मचारियों का ब्योरा
शहर के 27 वार्डों में सफाई व्यवस्था का जिम्मा महज 120 कर्मचारियों के कंधों पर है। इस हिसाब से एक बड़े वार्ड के हिस्से में पांच से भी कम कर्मचारी आते हैं जबकि शहर के वार्ड काफी बड़े हैं। हद तो यह है कि इनमें से भी कई कर्मचारी सफाई के बजाय अधिकारियों और राजनेताओं के आवास पर काम कर रहे हैं। संस्था ने मांग की है कि सरकार शहर में सफाई कर्मचारियों की संख्या तुरंत बढ़ाए। साथ ही यह ब्योरा भी सार्वजनिक किया जाए कि किस वार्ड में कितने कर्मचारी कार्यरत हैं।