नागरिक अस्पताल में खड़े मेडिकल करवाने पहुंचे लोग।
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नागरिक अस्पताल में बुधवार को लगने वाले मेडिकल बोर्ड में जांच होने पर लोगों ने हंगामा कर दिया। लोगों ने कहा कि दो-दो माह से अस्पताल में चक्कर काट रहे है हालात यह है कि बोर्ड में आर्थो डाक्टर डेढ़ घंटा ही जांच कर रहा है। मात्र 10 से 15 लोगों की ही जांच हो रही है। हंगामा की सूचना मिलने के बाद अस्पताल चौकी टीम मौके पर पहुंची और लोगों को शांत करवाया। वहीं लोगों का गुस्सा देखते हुए वरिष्ट चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेश चौधरी ने मामले में डॉक्टर की बैठक लेकर रोजाना पांच की जांच करने के आदेश दिए है। हंगामा कर रहे समैन से आए लीलूराम, रतिया से आई कैलाशो रानी, टोहाना से आए भीम सिंह व गुलाब सिंह ने कहा कि दिव्यांग प्रमाण पत्र के लिए अस्पताल में बुधवार को मेडिकल बोर्ड लगता है। बोर्ड में आर्थो डॉक्टर मात्र डेढ़ घंटा ही जांच करता है। दोपहर डेढ़ बजे से तीन बजे तक ही जांच होती है। इस दौरान भी डॉक्टर ओपीडी देखने या फिर इमरजेंसी केस देखने चला जाता है। इसके चलते हर सप्ताह 70 से 80 आवेदनकर्ताओं को वापस लौटना पड़ रहा है। मात्र 10 से 15 लोगों की ही जांच हो रही है। कई लोग ऐसे भी है जो चलने लायक नहीं है और उन्हें किराए पर गाड़ी में लाया जाता है। सुबह आठ बजे से अस्पताल में आकर खड़े हुए है लेकिन डेढ़ बजे शुरू होने वाला बोर्ड दो बजे तक शुरू नहीं हुआ।
1500 रुपये किराए पर गाड़ी करके लाए : राजोदेवी ने बताया कि रतिया से अपने पति का मेडिकल करवाने के लिए आई है। किराये पर 1500 रुपये में गाड़ी करके लाई है। पिछले एक माह में तीन बार आ चुकी है लेकिन जब नंबर आता है तो पर्ची तक नहीं पकड़ी जाती है। आर्थो की ओपीडी के बाहर खड़े मरीज : 85
मेडिकल हुआ : 14
जिले में पहले हड्डी रोग विशेषज्ञ नहीं था, बोर्ड के लिए दूसरे जिले से डॉक्टर आता था। अब जिला अस्पताल में हड्डी रोग विशेषज्ञ आ गया है। बुधवार को इस संबंध में डॉक्टर के साथ मीटिंग हुई है। रोजाना पांच मरीजों की जांच की जाएगी और इसके अलावा जिस दिन बोर्ड होगा उस दिन पूरा समय दिया जाएगा। पुराने आवेदन ज्यादा होने के कारण दिक्कत आ रही है। - डॉ. राजेश चौधरी, वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी।