फतेहाबाद। नगर निकाय स्वच्छ भारत मिशन अभियान को पलीता लगा रहा है। शहर को खुले में शौच मुक्त करने के लिए घरों में व्यक्तिगत घरेलू शौचालय (आईएचएचएल) बनाकर देने का दावा किया गया था। लेकिन 51 पात्रों को दूसरी किस्त नहीं मिली है और ये ही नहीं तीन पात्र ऐसे हैं जिन्हें पांच साल बाद भी पहली किस्त नहीं मिली है। हालांकि अब दावा किया जा रहा है कि नगर निकाय ने नगर परिषद को पांच साल बाद 51 पात्रों के लिए दूसरी किस्त के सात-सात हजार और तीन पात्रों के लिए सात-सात हजार रुपये की राशि भेज दी है। लेकिन पात्रों के खाते में अभी तक ट्रांसफर नहीं हुई है। पात्र शक्ति नगर निवासी रमेश कुमार का कहना है कि नगर परिषद में अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं और अब तक उनकी चप्पलें भी घिस चुकी हैं। लेकिन उनके बैंक खाते में राशि ट्रांसफर नहीं हुई है। संवाद
वर्ष 2016-17 में हुआ था सर्वे
शहर को खुले में शौच मुक्त करने के लिए वर्ष 2016-17 में आईएचएचएल के लिए नगर परिषद की टीमों द्वारा सर्वे किया था। सर्वे के दौरान टीम को 54 पात्र मिले थे जिनके घरों में शौचालय नही था। वर्ष 2017-18 में नगर निकाय ने 51 पात्रों को पहली किस्त के सात-सात हजार रुपये जारी कर दिए। शौचालयों का निर्माण शुरू करने के बाद दूसरी किस्त जारी करनी थी। लेकिन नगर निकाय ने पांच साल बाद नगर परिषद को दूसरी किस्त की राशि भेजी है। लेकिन अभी तक ये राशि पात्रों को भेजने की प्रक्रिया शुरू नहीं की गई है।
नई कॉलोनियों में नहीं हुआ सर्वे, अभी भी खुले में शौच जा रहे लोग
नगर परिषद सीमा बढ़ने के बाद हंस कॉलोनी, स्वामी नगर, हरनाम सिंह कॉलोनी, आजाद नगर, आदर्श नगर आदि कॉलोनियां शामिल हुई हैं। इन कॉलोनियों में कई क्षेत्र ऐसे है जहां आर्थिक रूप से पिछड़े लोग रहते हैं और उनके घर में शौचालय नहीं है। लेकिन नगर परिषद ने अभी तक यहां सर्वे नहीं करवाया है।
कोट
मामला अब संज्ञान में आया है। नगर निकाय से राशि आ चुकी है। जल्द ही प्रक्रिया पूरी करके पात्रों के खाते में पहली और दूसरी किस्त की राशि ट्रांसफर कर दी जाएगी।
-ऋषिकेश चौधरी, ईओ नगर परिषद