फतेहाबाद। मेहूवाला गांव में दो साल पहले लगाई गई लाइटें अब तक जल नहीं पाई हैं, जिससे ग्रामीणों में नाराजगी है। जिला परिषद ने करीब 20 लाख रुपये खर्च कर गलियों और फिरनियों को रोशन करने के लिए यह प्रोजेक्ट शुरू किया था, लेकिन बिजली कनेक्शन न होने के कारण लाभ ग्रामीणों तक नहीं पहुँच पाया।
ग्रामीणों ने बताया कि लाइटें करीब 24 महीने पहले खंभों पर स्थापित कर दी गई थीं, लेकिन जिला परिषद और ग्राम पंचायत के बीच बिजली कनेक्शन और बिल भुगतान को लेकर मतभेद के चलते उन्हें चालू नहीं किया गया। ग्रामीण नियमित रूप से बिजली बिल और पंचायत टैक्स का भुगतान कर रहे हैं, लेकिन उन्हें वह सुविधा नहीं मिल रही, जिसके लिए यह शुल्क वसूला जा रहा है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि लाइटें लगवाने में पैसा खर्च कर दिया गया, लेकिन बिजली कनेक्शन लेने की जिम्मेदारी किसी ने नहीं ली। ग्राम पंचायत और जिला परिषद दोनों ही एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालते रहे, जिससे यह प्रोजेक्ट अब तक फेल साबित हो रहा है। ग्रामीणों ने कहा कि अंधेरे में रात को चोरी और हादसों की आशंका बढ़ गई है।
टैक्स की वसूली, सुविधा नहीं
बिजली निगम हर महीने उपभोक्ताओं के बिल में पंचायत टैक्स जोड़कर वसूल रहा है। इस राशि का उपयोग गांव के विकास कार्यों और सुविधाओं, जैसे स्ट्रीट लाइटों के बिजली बिल, को चुकाने में किया जाता है। लेकिन मेहूवाला में यह टैक्स वसूलने के बावजूद भी लाइटों को कनेक्शन नहीं मिला है, जिससे ग्रामीणों को दोहरा नुकसान उठाना पड़ रहा है। ग्रामीण टैक्स भी दे रहे हैं और अंधेरे में रहने को मजबूर भी हैं। ग्रामीणों ने जिला परिषद और प्रशासन से मांग की है कि इस 20 लाख के प्रोजेक्ट को सफल बनाया जाए और तुरंत प्रभाव से स्ट्रीट लाइटों को बिजली कनेक्शन उपलब्ध कराया जाए, ताकि गांव की गलियां रोशन हो सकें और उन्हें पंचायत टैक्स के बदले मूलभूत सुविधा मिल सके।
:: गांव में स्ट्रीट लाइट जिला परिषद की ओर से लगवाई गई हैं। अब लाइटों में बिजली का कनेक्शन जारी करना ग्राम पंचायत का काम है। इन लाइटों को लगाकर एक बार जलाकर चैक कर लिया गया है। कनेक्शन जारी होने के बाद अगर कोई लाइट खराब मिली तो उसको तुरंत ठीक किया जाएगा।
-पूजा, जिला पार्षद, वार्ड 2 भट्टू कलां।