फतेहाबाद। आयुष्मान भारत/चिरायु योजना में शामिल पात्रों का उपचार मंगलवार को दूसरे दिन भी पैनल अस्पतालों ने नहीं किया। हालांकि पहले से दाखिल और डायलिसिस मरीजों का उपचार का उपचार जारी रहा। अस्पतालों द्वारा नए पैकेज बुक नहीं करवाए गए। मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग ने 114 पैकेज के नए रेट भी लागू कर दिए। कई पैकेज में 50 फीसदी तक बढ़ोतरी की गई है।
जिले में 19 निजी अस्पताल पैनल में शामिल हैं। अस्पताल में आ रहे मरीजों को ऑपरेशन को लेकर पांच जुलाई के बाद आने को कहा जा रहा है। कई अस्पतालों द्वारा मरीजों को फोन पर भी सूचित किया जा रहा है। इसके चलते पैनल अस्पतालों में मरीज नहीं पहुंच रहे हैं और शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं। रोजाना 20 से 25 ऑपरेशन पैनल अस्पतालों में होते हैं। सामान्य बीमारियों के प्राथमिक उपचार को लेकर नागरिक अस्पताल में मरीजों की भीड़ बढ़ रही है। मंगलवार को विशेषज्ञ की ओपीडी करीब 10 से 15 फीसदी ज्यादा रही।
एचबीपी 2022 को किया गया लागू, हार्ट में दो स्टंट डालने के बाद 1.15 लाख रुपये तक मिलेंगे
पैनल अस्पताल लंबे समय से पैकेज के नए रेट को लागू करने की मांग कर रहे थे। विभाग ने हेल्थ बेनफिट पैकेज मास्टर 2022 को लागू किया है। इसके तहत पैकेज के रेट में 50 फीसदी तक की बढ़ोतरी की गई है। मेडिकल मैनेजमेंट के रेट की बात करें तो रूटीन वार्ड के पहले 1800 रुपये मिलते थे लेकिन अब 2100 रुपये मिलेंगे। एचडीयू में दाखिल मरीज के 2700 रुपये थे लेकिन अब 3300 रुपये, आईसीयू बेड के 3600 की जगह 8500 रुपये और आईसीयू वेंटिलेटर के 4500 की जगह 9000 रुपये मिलेंगे। पित्त की पत्थरी के पहले 22800 रुपये मिलते थे लेकिन अब 31100 रुपये मिलेंगे। किडनी में पत्थरी ऑपरेशन के 35000 की जगह 45000 रुपये मिलेंगे। गद्दू ऑपरेशन के पहले जहां 27500 रुपये के हिसाब से भुगतान किया जा रहा था वहीं अब 38700 के हिसाब से होगा। हार्ट संबंधित बीमारी में एक स्टंट डालने पर पहले 72200 रुपये का भुगतान होता था लेकिन अब 83152 रुपये के हिसाब से होगा। दो स्टंट डालने पर 115504 रुपये के हिसाब से भुगतान होगा।
जिले में हैं 5.14 लाख पात्र
आयुष्मान भारत योजना के तहत जिले में 5.14 लाख पात्र हैं। विभाग की माने तो सूची में 6.89 लाख पात्र शामिल हैं, पैनल में 19 अस्पताल शामिल हैं। जिसमें 12 अस्पताल टोहाना के और 6 फतेहाबाद और एक रतिया का शामिल हैं।
कोट
विभाग द्वारा पैनल अस्पतालों के नए पैकेज रेट लागू हो गए है। इसको लेकर पैनल अस्पताल मांग कर रहे थे। अन्य जो भी मांग है उनको लेकर भी सरकार गंभीर है। उम्मीद है जल्द समाधान हो जाएगा।
-डॉ. लाजवंती गौरी, उप सिविल सर्जन
कोट
आयुष्मान भारत योजना के तहत पैनल अस्पतालों की सबसे पहली मांग भुगतान समय पर किया जाए और कटौती न की जाए। लेकिन हालात ये है कि बकाया भुगतान नहीं हो रहा है और कटौती की जा रही है। फिलहाल आईएमए द्वारा प्रदेश स्तर पर फैसला लिया गया है। सरकार इन मांगों को पूरा करेगी तो उपचार शुरू करने के फैसले पर विचार कर लिया जाएगा।
-डॉ. पवन मेहता, प्रधान, आईएमए