जाखल में धान की खरीद करने पहुची एजेंसी
जाखल। अनाज मंडी में शनिवार को धान की खरीद पर विवाद हो गया। व्यापारियों के अनुसार एक ढेरी में नमी 15 प्रतिशत मिलने के बावजूद खरीद एजेंसी डीएफएससी ने धान में टुकड़ा अधिक होने का हवाला देकर खरीदने से इन्कार कर दिया।
आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान किरण शर्मा के हस्तक्षेप और अधिकारियों के समक्ष नाराजगी जताने के बाद संबंधित धान की खरीद कर उसे रजिस्टर में दर्ज किया है। व्यापारी नवजोत, मक्खन और विकास कंसल ने बताया कि खरीद एजेंसी ने शनिवार शाम करीब पांच बजे खरीद शुरू की।
पिछले दिनों हुई बारिश के कारण धान में नमी बढ़ने से पहले ही खरीद प्रभावित हो रही है। किसान और व्यापारी फसल को सुखाने और साफ करने के बाद मंडी में ला रहे हैं। इसके बावजूद खरीद में अड़चन आने से उन्हें परेशानी उठानी पड़ रही है।
व्यापारियों ने सवाल उठाया कि जब धान में नमी निर्धारित सीमा के भीतर थी तो टुकड़े का हवाला देकर खरीद क्यों रोकी गई। उनका कहना है कि बारिश के बाद फसल को सुखाने और साफ करने में अतिरिक्त समय व मेहनत लग रही है। खरीद में देरी से किसानों को उपज बेचने के लिए इंतजार करना पड़ता है और व्यापारियों पर भी आर्थिक दबाव बढ़ता है।
व्यापारियों ने सरकार से मंडियों में खरीद व्यवस्था की निगरानी बढ़ाने और एजेंसियों को निर्धारित मानकों के अनुसार समय पर खरीद करने के निर्देश देने की मांग की। उन्होंने खरीद में अनावश्यक अड़चन आने पर जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की भी मांग उठाई।
आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान किरण शर्मा ने कहा कि निर्धारित मानकों पर खरी उतरने वाली धान की खरीद में अनावश्यक परेशानी नहीं होनी चाहिए। किसानों और आढ़तियों को सुचारू खरीद व्यवस्था उपलब्ध कराना संबंधित एजेंसियों की जिम्मेदारी है।