फतेहाबाद। सीएम नायब सिंह सैनी के 31 अक्तूबर को प्रस्तावित दौरे के मद्देनजर न केवल प्रशासन हरकत में है, नागरिक अस्पताल में भी हलचल शुरू हो गई है। किरकिरी से बचने के लिए बीच में ही छोड़ दिया गया आपातकालीन विभाग का काम जल्द शुरू हो सकता है। शुक्रवार को लोक निर्माण विभाग ने बिजली संबंधी काम शुरू करवा दिया। ठेकेदार के कर्मचारी लाइटें लगाने और बिजली पैनल ठीक करने में दिनभर जुटे रहे।
नागरिक अस्पताल प्रशासन ने आईसीयू के निर्माण के दौरान बचे 15 लाख रुपये से इस कार्य को पूरा करने की अनुमति दी है। इसके बाद लोक निर्माण विभाग ने यह काम शुरू करवाया है। 15 लाख रुपये से एक्सरे मशीन भी शुरू करेगा। हालांकि इससे पहले लोक निर्माण विभाग ने आपातकालीन विभाग का सिविल वर्क करवा दिया था, लेकिन इलेक्ट्रिक विंग ने 2 करोड़ 47 लाख के एस्टीमेट को स्वास्थ्य विभाग के मुख्यालय से मंजूरी नहीं मिलने से काम बीच में छोड़ दिया था। हालत यह है कि नई एक्सरे मशीन भी इंस्टॉल होने के 15 दिन बाद शुरू नहीं हो पाई है।
नशा मुक्ति केंद्र से शिफ्ट हुआ ओपीडी रजिस्ट्रेशन काउंटर
नागरिक अस्पताल में करीब साढ़े तीन माह बाद ओपीडी रजिस्ट्रेशन काउंटर को पूछताछ केंद्र में शिफ्ट कर दिया है। अस्पताल में सुंदरीकरण कार्य के कारण काउंटर को पहले डिस्पेंसरी के पास शेड के नीचे और फिर नशा मुक्ति केंद्र में शिफ्ट किया गया था। अब कार्य पूरा होने के कारण पूछताछ केंद्र में शिफ्ट किया है और खिड़की के शीशे कटने के बाद साथ लगते कक्ष में ही पर्ची कटनी शुरू हो जाएगी। अभी मैनुअल पर्ची ही काटी जा रही है। इसके चलते मरीजों को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है।
विशेषज्ञों की भटक रही ओपीडी
नागरिक अस्पताल में सुंदरीकरण कार्य शुरू होने के बाद ओपीडी को नशा मुक्ति केंद्र, ब्लड बैंक, आयुष विभाग में शिफ्ट किया गया। ओपीडी कक्ष तैयार न होने के कारण आर्थो सर्जन, चर्म रोग विशेषज्ञ की ओपीडी नशा मुक्ति केंद्र और नेत्र रोग की ओपीडी आयुष विभाग मेंचल रही है। टीबी रोग विशेषज्ञ को भी अभी तक कक्ष नहीं मिला है।
साढ़े 6 करोड़ से होना है काम, बजट नहीं मिला
सीएम के आदेश पर नागरिक अस्पताल का सुंदरीकरण करवाया जा रहा है। लोक निर्माण विभाग ने साढ़े 6 करोड़ का एस्टीमेट मुख्यालय भेजे थे। सिविल वर्क के 4 करोड़ के एस्टीमेट को मंजूरी मिल गई लेकिन बिजली संबंधी काम के लिए नहीं मिली। लोक निर्माण विभाग ने काम तो शुरू करवा दिया था, लेकिन बजट न मिलने के कारण अधर में छोड़ दिया।
ई- उपचार सर्वर होगा शुरू
अस्पताल में ई उपचार सर्वर को भी शुरू करने की तैयारी है। शुक्रवार को इसके संबंध में प्रक्रिया को शुरू कर दिया गया। सर्वर शुरू होने के बाद मरीजों की ओपीडी पर्ची ऑनलाइन कटनी शुरू हो जाएगी।
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आईसीयू बनाने के लिए आए बजट में से 15 लाख रुपये बचे थे जिसे लोक निर्माण विभाग को आपातकालीन वार्ड व अन्य जरूरी कार्यों में इस्तेमाल के लिए कहा गया है। जल्द ही आपातकालीन विभाग को शिफ्ट कर दिया जाएगा ताकि मरीजों को परेशानी न आए।
-डॉ. बुधराम, कार्यकारी सिविल सर्जन