फतेहाबाद। जिला बेशक नहरों से घिरा हुआ है लेकिन बावजूद इसके 44 फीसदी गांव ऐसे हैं जहां पर भारी मात्रा में टीडीएस युक्त पानी ग्रामीण पीने को मजबूर हैं। पीक सीजन में हालात ये है कि कई गांवों में ग्रामीण टैंकरों का सहारा ले रहे हैं। हालात गांव तक खराब नहीं है बल्कि शहर फतेहाबाद के पॉश इलाके भी नहरी पानी से वंचित है।
सेक्टर-तीन के निवासी भी ट्यूबवेल का पानी पी रहे हैं। यहां पर भी नहरी पानी नहीं जा रहा है। एचएसवीपी ने कोई योजना ही तैयार नहीं की है।हालांकि शहर फतेहाबाद में नहरी पानी के लिए जनस्वास्थ्य विभाग के 10 और 12 एमएलडी के ट्रीटमेंट प्लांट है। यहां से शहरी क्षेत्र में नहरी पानी सप्लाई हो रहा है। बूस्टिंग स्टेशनों की कमी से शहरी क्षेत्र में पानी के लिए बिजली कट होने पर रात 12 बजे तक जागना पड़ता है। संवाद
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गांवों में एक दिन छोड़कर नहरी पानी सप्लाई
गांव भिरड़ाना जिले का सबसे बड़े गांवों में शामिल हैं। ग्रामीण कई सालों से पानी किल्लत झेल रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में जलघर है लेकिन यहां से नहरी पानी की सप्लाई एक दिन छोड़कर दी जाती है। ढाणियों में तो पानी पहुंच ही नहीं रहा है। ग्रामीण पवन, भीमसेन, विजय सहारण का कहना है कि गांव में एक दिन छोड़कर नहरी पानी आता है। मजबूरन उन्हें 600 से 700 रुपये में टैंकर मंगवाने पड़ रहे हैं। गर्मियों में विभाग ट्यूबवेल पानी सप्लाई देता है जिसका टीडीएस बहुत ज्यादा होता है। पाइप लाइन लीकेज के कारण जलघर की डिग्गी भर नहीं पाती है इस वजह से समस्या बनी रहती है।
145 गांवों में हो रहा है नहरी पानी सप्लाई
जनस्वास्थ्य विभाग से मिली रिपोर्ट के मुताबिक 145 गांवों में नहरी पानी दिया जा रहा है। इसमें फतेहाबाद डिविजन एक के 36, दो में 29, भट्टू क्षेत्र के 36 और रतिया के 35 व टोहाना के 45 गांवों में नहरी पानी सप्लाई हो रहा है।
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रतिया शहर में हो रहा है ट्यूबवेल पानी सप्लाई
रतिया शहर में भी नहरी पानी की सुविधा नहीं है। यहां पर ट्यूबवेल का पानी सप्लाई हो रहा है। हालांकि विभाग की तरफ से नहरी पानी के लिए जलघर बनाया जा रहा है। तीन साल पहले जाखन दादी में शहनाल रोड पर काम शुरू हुआ था। शहर के 17 वार्डों के लोग फिलहाल ट्यूबवेल का पानी पी रहे हैं।
डिग्गी की नहीं हो रही है सफाई
भट्टू खंड के गांव मेहूवाला, ढिंगसरा और किरढान में बने जलघर की डिग्गी की सफाई नहीं हो रही है। इससे टैंक में दो से तीन फीट तक गाद जमा हो गई है। इस कारण टैंकों की जलग्रहण की क्षमता कम हो गई है। गांव मेहूवाला निवासी श्रवण और गांव ढिंगसरा निवासी रमेश का कहना है कि करीब दो सालों से सफाई नहीं हुई है।
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गांव भिरड़ाना में पीने के पानी की एक दिन छोड़कर सप्लाई दी जा रही है। जब मांग ज्यादा होती है उस समय ट्यूबवेल का पानी सप्लाई किया जाता है। फिलहाल कोई समस्या नहीं है। ढाणियों में पानी न पहुंचने की शिकायत आई है।
- भागीरथ, एसडीओ
शहर फतेहाबाद में नहरी पानी की फिलहाल समस्या नहीं है। नया बूस्टिंग स्टेशन बन रहा है इसके बाद पानी की सप्लाई भी बेहतर हो जाएगी।
- सतपाल रोज, एसडीओ, शहरी जनस्वास्थ्य विभाग