फतेहाबाद। अब स्थानीय निकायों के निर्वाचित प्रतिनिधियों के पारिवारिक सदस्य राशन डिपो नहीं चला सकेंगे। प्रदेश सरकार ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली के नियम सख्त करते हुए जिले के सभी राशन डिपो संचालकों से दस दिन के भीतर शपथ पत्र जमा कराने के निर्देश दिए हैं।
जिला खाद्य आपूर्ति एवं नियंत्रक कार्यालय ने जिले के 366 राशन डिपो संचालकों से पारिवारिक जानकारी मांगी है। शपथ पत्र में उन्हें स्पष्ट करना होगा कि परिवार में कोई सदस्य स्थानीय निकाय पंच, सरपंच, नगरपालिका, परिषद, निगम व पंचायत समिति का निर्वाचित प्रतिनिधि तो नहीं है। यदि जांच में ऐसा पाया गया तो संबंधित का राशन डिपो रद्द कर दिया जाएगा।
विभाग ने चेतावनी दी है कि गलत जानकारी या झूठा शपथ पत्र देने वाले संचालकों पर सख्त कार्रवाई होगी। ऐसे मामलों में भौतिक सत्यापन कराया जाएगा और जरूरत पड़ने पर पुलिस कार्रवाई भी अमल में लाई जाएगी।
शपथ पत्र में रिश्तेदारों की विस्तृत सूची शामिल की गई है। इसमें माता-पिता, पति-पत्नी, पुत्र-पुत्री, भाई-बहन, सास-ससुर, जेठ-जेठानी, देवर-देवरानी, भाभी और अविवाहित ननद तक का विवरण मांगा गया है। साथ ही परिवार की तीसरी पीढ़ी, यानी पोता-पोती और उनके बच्चों तक की जानकारी भी देनी होगी।
सभी राशन डिपो संचालकों से एक शपथ पत्र मांगा गया है, जिसमें उनसे उनके परिवार में किसी के निर्वाचित सदस्य होने की जानकारी मांगी गई है। नई पॉलिसी के अनुसार सरकार की ओर से यह आदेश प्राप्त हुए थे।
कुशलपाल बूरा, जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक, फतेहाबाद