फतेहाबाद। भूना मोड स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा ब्रांच के साथ बने एटीएम कक्ष में रात सवा दो बजे तीन नाबालिग भाई घुसे और चोरी का प्रयास किया। तीनों ने पेचकस से एटीएम से छेड़छाड़ की पर कामयाब नहीं हो पाए।
एटीएम से छेड़छाड़ हुई तो बैंक के मुंबई स्थित मुख्यालय में अलार्म बज उठा। इस पर डाॅयल 112 को सूचना दी गई। पुलिस टीम मौके पर पहुंची तो कोई नहीं मिला। इसके बाद पुलिस टीम ने एटीएम कक्ष के शटर को ताला लगा दिया। शनिवार सुबह सीन ऑफ क्राइम टीम मौके पर पहुंची और फिंगर प्रिंट लिए गए। सूचना मिलने पर सुबह बैंक अधिकारी भी पहुंच गए और सीसीटीवी फुटेज जांची।
जिसमें तीन नाबालिग एटीएम से छेड़छाड़ करते मिले। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर नाबालिगों की तलाश शुरू की। पुलिस ने बैंक के पीछे स्थित कॉलोनी से तीनों नाबालिगों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में तीनों सगे भाई मिले और वारदात करना स्वीकार कर लिया।
बैंक ने थर्ड पार्टी को दिया है एटीएम : ब्रांच के अधिकारी रविंद्र कुमार ने बताया कि एटीएम को थर्ड पार्टी संभाल रही है। संबंधित कंपनी की तरफ से इसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी है। हालांकि एटीएम तकनीकी सुरक्षा से मजबूत है, अगर कोई छेड़छाड़ भी करेगा तो अलार्म बज उठेगा। इसके अलावा अगर कोई हेलमेट या फिर मास्क लगाकर भी आता है तो एटीएम इसको लेकर अलर्ट कर देता है।
थर्ड पार्टी संभाल रही एटीएम
ब्रांच के अधिकारी रविंद्र कुमार ने बताया कि एटीएम को थर्ड पार्टी संभाल रही है। संबंधित कंपनी पर ही इसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी है। हालांकि एटीएम तकनीकी सुरक्षा से मजबूत है, अगर कोई छेड़छाड़ भी करेगा तो अलार्म बज उठेगा। इसके अलावा अगर कोई हेलमेट या फिर मास्क लगाकर भी आता है तो अलर्ट कर देता है। वहीं पुलिस ने संबंधित को इस बारे में नोटिस जारी किया है।
बीच वाले भाई ने दिया आइडिया
पुलिस के मुताबिक वारदात को अंजाम देने वाले तीनों भाई है। इसमें एक 11, दूसरा 13 और तीसरा 15 साल का है। तीनों कक्षा पांचवीं, सातवीं और नौंवी के विद्यार्थी है। बताया जा रहा है कि इनका पिता अलग रह रहा है। सातवीं कक्षा में पढ़ने वाले भाई ने ही एटीएम से चोरी का आइडिया दिया था।
पहले से बनाई थी योजना
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक एटीएम से रुपये चुराने के लिए तीनों नाबालिगों ने पहले ही योजना बना ली थी। इसके बाद रात करीब सवा दो बजे वे एटीएम पर पहुंचे। एटीएम रात को सवा दो बजे खुला मिला और सुरक्षाकर्मी भी मौजूद नहीं था। इसी का फायदा उठाते हुए तीनों ने एटीएम को पेचकस से तोड़ने का प्रयास किया।
काबू किए गए तीनों नाबालिगों को किशोर न्याय अधिनियम के अंतर्गत विधिक प्रक्रिया अपनाते हुए किशोर न्यायालय (जुवेनाइल कोर्ट) में पेश किया गया है। मामले की तकनीकी जांच भी जारी है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि इस घटना के पीछे कोई अन्य व्यक्ति या संगठित गिरोह तो सक्रिय नहीं है।
- सिद्धांत जैन, पुलिस अधीक्षक, फतेहाबाद।