शहर के अरोड़ा कॉलोनी के मुख्य रास्ते पर नाके लगाकर जांच करते हुए पुलिस अधिकारी। पुलिस प्रवक्त
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रतिया। शहर में नशा तस्करों पर लगाम लगाने के लिए जिला पुलिस ने मोर्चा खोलते हुए शहर के वार्डों में भी नाके लगाने शुरू कर दिए हैं। पुलिस अधीक्षक सिद्धांत जैन ने बताया की क्षेत्र में नशे की कमर तोड़ने के उद्देश्य से शहर के वार्ड 4, 5 के संदिग्ध क्षेत्र और मुख्य मार्ग सहित तीन अतिरिक्त नाके स्थापित किए गए हैं, जो 24 घंटे लगातार सक्रिय रहेंगे।
इन नाकों पर प्रत्येक आने-जाने वाले व्यक्ति व वाहन की गहन जांच की जा रही है। इसके साथ ही रतिया में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है, जो सहायक पुलिस अधीक्षक दिव्यांशी सिंगला के मार्गदर्शन में शहर व आसपास के क्षेत्रों में लगातार सघन तलाशी अभियान शुरू किया गया है। अभियान को और अधिक तेज करने के लिए स्निफर डॉग स्क्वायड की विशेष टीम को भी मैदान में उतारा गया है।
वहीं उप पुलिस अधीक्षक मुख्यालय एवं क्राइम कुलवंत सिंह के नेतृत्व में सीआईए फतेहाबाद, रतिया, टोहाना तथा एंटी नारकोटिक्स सेल की टीमें संयुक्त रूप से संदिग्ध क्षेत्रों में अभियान चला रही हैं। विशेष टीमों द्वारा दिन-रात सघन चेकिंग कर नशा तस्करों की घेराबंदी की जा रही है। उन्होंने कहा कि रतिया अब नशीले पदार्थ बेचने, सप्लाई करने अथवा इस अवैध कारोबार को संरक्षण देने वालों के लिए सुरक्षित नहीं रही है। नशा तस्करों के सामने अब केवल दो ही रास्ते हैं या तो नशा तस्करी छोड़ दें, या फिर कानून की सख्त कार्रवाई का सामना करें।
लापरवाही बरतने पर होगी कड़ी कार्रवाई
एसपी जैन ने कहा कि नशा तस्करी को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। जिला पुलिस कप्तान ने कहा कि पर्यवेक्षण अधिकारियों (डीएसपी), क्राइम यूनिट तथा थाना एवं चौकी प्रभारियों को सख्त निर्देश जारी किए हैं कि यदि किसी भी क्षेत्र में नशा बेचने या नशा करने की गतिविधि पाई जाती है, तो उसकी सीधी जिम्मेदारी संबंधित अधिकारी की होगी। किसी भी स्तर पर लापरवाही, ढिलाई या संरक्षण पाए जाने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। अब जवाबदेही तय है और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।